क्षेत्रीय अस्पताल केलांग में एक बुजुर्ग मरीज में खून की काफी कमी है। उसके शरीर में मात्र पांच ग्राम खून शेष रह गया है। पांच-छह दिन से अस्पताल में दाखिल इस मरीज को चिकित्सकों ने घाटी से बाहर रेफर कर दिया है। अब मरीज की सांसों की डोर उड़नखटोले पर जा टिकी है। उस पर घाटी में शुक्रवार से मौसम का मिजाज भी बिगड़ गया है।
बदहाल स्वास्थ्य सुविधाओं के बीच यहां मरीजों का जीवन भगवान के भरोसे ही रहता है। घाटी में स्वास्थ्य सुविधाएं नाममात्र ही हैं। एक अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए यहां के मरीजों को हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। यहां रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं होने से मरीजों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए जिले से बाहर जाना पड़ता है। लाहौल-स्पीति जिला मुख्यालय केलांग के क्षेत्रीय अस्पताल में प्यूकर गांव के 86 वर्षीय सोनम, मोलिंग गांव के सुरेश तथा खंगसर गांव की संगीता को चिकित्सकों ने बेहतर उपचार के लिए घाटी से बाहर रेफर कर दिया है। सुरेश के सिर में तेज दर्द हो रहा है। सोनम के शरीर में मात्र पांच ग्राम खून रह गया है। ऐसे में परिवार के लोग काफी चिंतित हैं। प्यूकर पंचायत प्रधान छेरिंग डोलमा ने जिला प्रशासन समेत सरकार से मांग की है कि मौसम खुलते ही केलांग अस्पताल से रेफर मरीजों को हेलीकॉप्टर से जल्द बेहतर इलाज के लिए घाटी से बाहर निकाला जाए। जिला मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नरेश चंद ने केलांग अस्पताल में दाखिल तीन मरीजों को रेफर किए जाने की पुष्टि की है।