न्यूली से लारजी तक पिन पार्वती नदी का व्यवस्थित तरीके से किया जाए तटीकरण
सतेश गांव को खतरा, बरसात से पहले उठाए जाएं कदम : बुधराम
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। आपदा में मिले जख्मों पर मरहम न लग पाने के कारण न्यूली से लारजी तक के ग्रामीण मंगलवार को उपायुक्त कुल्लू से मिले। सैंज वैली विकास समिति के अध्यक्ष बुधराम की अध्यक्षता में ग्रामीणों ने उपायुक्त को अपनी मांगें और समस्याएं बताईं। इन्हें समस्याओं को बरसात से पूर्व हल करने का आग्रह किया।
ग्रामीणों ने उपायुक्त कुल्लू को बताया कि जुलाई 2023 में प्राकृतिक आपदा के कारण पिन पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ने से न्यूली से लारजी तक भारी तबाही हुई है। आपदा के बाद प्रभावित गांवों को दोबारा स्थापित करने में काम नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने कहा कि सतेश गांव के परिवार घर छोड़कर किराये पर रहने को मजबूर हैं। गांव के लिए पुल की व्यवस्था नहीं है और न ही वहां ड्रेजिंग और तटीकरण का काम हो पाया है। सतेश गांव के आगे और पीछे बसे गांवों में ड्रेजिंग हो रही है।
यह ड्रेजिंग बेतरतीब तरीके से की जा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ड्रेजिंग का काम ठीक तरह से नहीं हो रहा है। ग्रामीण ज्ञानचंद और सुरेंद्र ने कहा कि प्रशासन से बार-बार आग्रह करने पर महज आश्वासन मिले हैं, लेकिन सकारात्मक पहल नहीं हो रही है। सतेश गांव को खतरा बना हुआ है। उधर, सैंज वैली विकास समिति के अध्यक्ष बुधराम ने कहा कि घाटी में बरसात से पूर्व कदम उठाए जाएं। साथ ही ड्रेजिंग और तटीकरण का काम जल्द करवाया जाए। उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस रवीश ने ग्रामीणों की समस्याएं हल करने का आश्वासन दिया है। संवाद