संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में फर्जी पट्टा बनाकर खनन के लिए मशीनरी लगाने के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। नायब तहसीलदार भुंतर मंगलवार को अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
टीम ने निशानदेही के लिए कुछ स्थान चिह्नित किए, लेकिन निशानदेही की प्रक्रिया आरंभ करने से पहले यहां हंगामा हो गया। मौके पर पुलिस बुलाने की नौबत आ गई। ऐसे में राजस्व विभाग की टीम निशानदेही नहीं कर पाई और मामला सुलझने के बजाय अधिक उलझ गया। विवाद बढ़ने पर तहसीलदार भुंतर को मौके पर पहुंचना पड़ा। मामले को तूल पकड़ता देख पुलिस भी बुलानी पड़ी। एसएचओ भुंतर और उनकी टीम ने ग्रामीणों को शांत किया। हालांकि अब प्रशासन फर्जी पट्टा मामले को स्थानीय बुजुर्ग ग्रामीणों की मदद से सुलझाएगा, जिन्हें क्षेत्र की संपूर्ण जानकारी हो।
बता दें कि मामला ग्राम पंचायत रोट, सचाणी और दलाशणी का है। पंचायत प्रतिनिधियों ने 17 मई को उपायुक्त कुल्लू को शिकायतपत्र सौंपा था, जिसमें प्रतिनिधियों ने एक व्यक्ति पर फर्जी पट्टा बना कर चरागाह में खनन के लिए मशीनरी लगाने की शिकायत की थी। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने फिलहाल खनन के कार्य पर रोक लगा रखी है।
प्रशासन ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए निशानदेही के लिए राजस्व विभाग की टीम भेजी, लेकिन निशानदेही नहीं हो पाई। ग्राम पंचायत प्रधान दलाशणी कुबेर सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रशासनिक टीम मौके पर आई थी, लेकिन विवाद बढ़ने पर मामला नहीं सुलझ सका है। कहा कि जिस स्थान पर खनन किया जा रहा है, वह स्थान तीन पंचायतों की संयुक्त चरागाह है। उधर, उपमंडलाधिकारी कुल्लू विकास शुक्ला ने कहा कि मौके पर गई प्रशासनिक टीम ने स्थान चिह्नित किए हैं। इन स्थानों की निशानदेही की जाएगी। बाकायदा इसके लिए स्थानीय पंचायतों के बुजुर्गों की मदद ली जाएगी।