कुल्लू। जिला कुल्लू के सिविल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में अब मरीजों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिलेगी। इसके लिए कुल्लू से दो डॉक्टरों को आईजीएमसी शिमला में प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है। इसके साथ ही, मनाली और आनी अस्पतालों में प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटे दो डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं।
जिला कुल्लू के सभी बड़े अस्पतालों में मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए भटकना न पड़े, इसी लिए जिला अस्पताल के साथ नागरिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में यह सुविधा प्रदान की जा रही है। इसके लिए प्रदेश सरकार के लिए ऐसे अस्पतालों और उन डाक्टरों की सूची मांगी है जो अल्ट्रासाउंड का प्रशिक्षण करना चाहते हैं।
जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनआर पवार ने कहा कि कुल्लू से जरी और निरमंड से दो डाक्टरों का नाम भेजा जा रहा है। यह डाक्टर आईजीएमसी शिमला में छह माह का कोर्स कर अपने-अपने अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड की सुविधा देंगे। इसे पहले कुल्लू के आनी व मनाली से भेजे गए दो चिकित्सकों को प्रशिक्षण पूरा हो गया और उन्होंने संबंधित अस्पतालों में सेवा देना शुरू कर दी है।
डॉ. पवार ने कहा कि सरकार ने ऐसे अस्पतालों और चिकित्सकों की सूची मांगी है। बंजार में डाक्टरों की कमी है। ऐसे में यहां अभी किसी का नाम नहीं भेजा जा रहा है। जल्द ही जिला के सभी अस्पतालों में मरीजों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिलेगी।
अल्ट्रासाउंड की सुविधा न मिलने से लोग परेशान
मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए परेशान होना पड़ रहा है। बंजार, मणिकर्ण, सैंज, भुंतर सहित निरमंड के लोग अभी तक अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए क्षेत्रीय अस्पतालों पर निर्भर है। या फिर उन्हें निजी अस्पतालों में 1200 से 1500 रूपये देकर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ रहा है।