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जिभी-तीर्थन घाटी में पहुंच रहे पर्यटक

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कुल्लू। जिले की पर्यटन वादियां जून माह शुरू होते ही सैलानियों से गुलजार होने लगी हैं। कोरोना में आ रही कमी को देखते हुए सैलानियों ने जिले की बंजार घाटी का रुख करना शुरू कर दिया है। जिभी व तीर्थन घाटी में सैलानियों की चहलकदमी बढ़ने लगी है। यहां अप्रैल से बंद पड़े होटल व होम स्टे के दरवाजे खुलने लगे हैं।
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अभी तक खुले 50 फीसदी होटल व होम रस्टे में सैलानियों की ऑक्यूपेंसी भी 40 से 50 प्रतिशत दर्ज की जा रही है। पर्यटन नगरी मनाली के साथ विदेशी की पसंद रही मणिकर्ण घाटी में भी पर्यटक देखने को मिल रहे हैं। भले ही यहां सैलानियों की अधिक भीड़ नहीं है। इसके बावजूद पर्यटन कारोबारियों को भविष्य में अच्छे पर्यटन की आस जग गई है। बंजार की तीर्थन व जिभी घाटी में रोजाना करीब 100 पर्यटक वाहन पहुंच रहे हैं। ई-पास के जरिए आ रहे पर्यटकों की चेकिंग के लिए पुलिस ने नाके लगाए हैं। यहां बाहर से आने वाले लोगों के ई-पास साथ कोरोना की रिपोर्ट चेक की जा रही है। उल्लेखनीय है कि दो सालों से जिला कुल्लू के पर्यटन कारोबार को भारी नुकसान हुआ है। तीर्थन वैली होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष वरुण ने कहा कि तीर्थन तथा जिभी क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां खुलने लगी हैं। बंद चल रहे 50 प्रतिशत होटल व होम स्टे को खोल दिया है। घाटी में रोज लगभग 100 सैलानियों के वाहन पहुंच रहे हैं। मनाली होटल एसोसिएशन के प्रधान अनूप राम ठाकुर ने कहा कि कोरोना को पटरी पर आने में अभी समय लगेगा। मनाली के मालरोड में कुछ सैलानियों की चहलकदमी देखने को मिल रही है। सरकार को ई-पास की सुविधा को खत्म कर पर्यटकों को कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट के साथ आने दिया जाना चाहिए।
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