मनाली (कुल्लू)। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की एक हजार करोड़ की कुल्लू-मनाली लेफ्ट बैंक परियोजना मनाली के पर्यटन को पंख लगाएगी। लेफ्टबैंक सड़क डबललेन होने के बाद सफर भी सुगम हो जाएगा। वही, करीब चार किलोमीटर दूरी भी कम होगी। सबसे अहम यह है कि इस सड़क के डबललेन होने के बाद राइट बैंक की सड़क क्षतिग्रस्त होने पर भी मनाली का शेष विश्व से संपर्क बना रहेगा। इस सड़क के बनने के बाद लेह, लद्दाख, स्पिति और लाहौल की ओर जाने वाले लोग मनाली शहर के बाहर से ही जा सकेंगे।
वर्तमान में किरतपुर से कुल्लू के रामशिला तक फोरलेन सड़क बनाई गई है। इससे आगे मनाली तक राइटबैंक से सड़क को डबललेन किया गया है। बीते साल आई प्रलयकारी बाढ़ में यह सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। ऐसे में लेफ्टबैंक सड़क को डबललेन करना समय की जरूरत है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कुल्लू से मनाली तक लेफ्टबैंक बाईपास के लिए एक हजार करोड़ रुपये खर्च करने का ऐलान किया है।
रामशिला से मनाली की दूरी लगभग 38 किलोमीटर है। इस सड़क के बनने के बाद यह दूरी करीब 34 किलोमीटर रह जाएगी। एनएचएआई ने भी इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए सर्वेक्षण कार्य पूरा कर लिया है। अब अलाइनमेंट और प्रोजेक्ट की डीपीआर फाइल मंजूरी के लिए दिल्ली भेजी जानी है।
खास यह है कि इस सड़क के लिए आबादी वाले इलाकों को बचाते हुए अलाइनमेंट में भी बदलाव किया जा रहा है। कहीं पर डबललेन पुरानी सड़क के साथ रहेगी तो कहीं नई जगह से सड़क बनेगी। आबादी को बचाने के लिए अलेउ से मनाली तक लगभग तीन किलोमीटर लंबी टनल भी प्रस्तावित है। कुल्लू-मनाली-वाया नग्गर डबललेन और टनल सामरिक महत्व के साथ पर्यटन के लिए संजीवनी साबित होंगे। कुल्लू के बाशिंग में पुलिस लाइन के लिए ब्यास नदी पर पुल बनाकर यातायात राइट और लेफ्ट बैंक को मोड़ा जाएगा।
दोनों ओर से डबललेन होगी सड़क
बाढ़ से क्षतिग्रस्त कुल्लू-मनाली हाईवे-3 को नए रूप में बनाने का खाका तैयार हो गया है। कुल्लू-मनाली राइट और लेफ्ट बैंक दोनों ओर से डबललेन सड़क बनेगी। इससे मनाली में लगने वाले ट्रैफिक जाम से भी काफी हद तक छुटकारा मिलने की उम्मीद है।
डीपीआर का कार्य अंतिम चरण में
एनएचएआई के क्षेत्रीय अभियंता अशोक चौहान ने बताया कि डीपीआर का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। वहीं दोनों ओर डबललेन सड़क बनने से ब्यास नदी के एक ओर की सड़क बंद होने पर भी यातायात सुचारु रहेगा। अलाइनमेंट और डीपीआर की फाइल जल्द मंजूरी के लिए दिल्ली भेजी जानी है। इसके बाद इस परियोजना का कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा।