मनाली आने वाले पर्यटकों संख्या 50 फीसदी घटी
पिछले सप्ताह की अपेक्षा अब नहीं दिख रही रौनक
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। मानसून की दस्तक के साथ मनाली का पर्यटन कारोबार एकाएक लुढ़क गया है। कई लोगों की ओर से सोशल मीडिया में मणिकर्ण और सैंज घाटी में बादल फटने की घटनाओं को मनाली से जोड़कर वायरल करने से पर्यटक मनाली नहीं आ रहे हैं। परिणामस्वरूप पर्यटन कारोबार में 50 फीसदी की कमी दर्ज की जा रही है। वीकेंड पर भी पर्यटकों की खास रौनक देखने को नहीं मिल रही है।
इस साल मनाली में पर्यटन कारोबार फीका रहा। मई में भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध के हालात से पर्यटक घटे तो अब मानसून ने पर्यटन कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। ग्रीन टैक्स बैरियर के आंकड़ों को देखें तो पिछले सप्ताह की तुलना इस सप्ताह 50 फीसदी पर्यटक वाहन घटे। पिछले सप्ताह के वीकेंड में पर्यटक वाहनों का आंकड़ा 4,000 के करीब पहुंच गया था। इस सप्ताह यह आंकड़ा 2,000 के आसपास चल रहा है। शुक्रवार को मनाली में लगभग 1,900 पर्यटक वाहन पहुंचे। शनिवार को भी पर्यटकों के आने की संख्या बेहद कम है। पर्यटन कारोबारी लुदर चंद, हंस राज और विवेक कुमार ने कहा कि पर्यटकों की संख्या काफी कम हुई है। बारिश के बाद पर्यटकों ने अपने आने के कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पहुंचा रहा पर्यटन को नुकसान
बारिश के बाद स्थिति सामान्य होने के बाद भी कई लोग सोशल मीडिया में बढ़ा-चढ़ाकर वीडियो वायरल कर रहे हैं। मनाली के लिए यातायात व्यवस्था पूरी तरह से सुरक्षित है। सड़कें बहाल हैं, लेकिन सोशल मीडिया में बादल फटने की घटनाओं के नए और पुराने वीडियो जारी होने से सनसनी फैल रही है। इसका सीधा असर मनाली के पर्यटन कारोबार पर पड़ रहा है।
होटलों की ऑक्यूपेंसी में भी आई कमी
पर्यटकों की संख्या में कमी के कारण होटलों की आक्यूपेंसी भी 80 से घटकर 40-50 प्रतिशत रह गई है। मौसम खराब होने के बाद कई होटलों की बुकिंग भी रद्द हुई हैं। सोशल मीडिया में बिना किसी प्रमाणिकता के सनसनी फैलाई जा रही है, जिससे पर्यटन को नुकसान पहुंच रहा है। -हेमराज, होटल संचालक