कुल्लू। गड़सा घाटी के हवाई गांव में देवता जमलू ऋषि के सम्मान में मनाए जा रहे काहिका उत्सव में रविवार को मूर्छित नड़ के जिंदा होने की परंपरा निभाई जाएगी। इसके लिए नड़ को पहले देव विधि से मूर्छित किया जाएगा।
इसके बाद देव परंपरा निभाते हुए उसे उसे पुनर्जीवित किया जाएगा। देव परंपरा को देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोगों का हुजूम उमड़ेगा। शनिवार को भी देव परंपरा का निर्वाहन किया। गौरतलब है कि शुक्रवार को हवाई गांव में देवता जमलू के सम्मान काहिका उत्सव का आगाज हुआ है।
देवलू यशपाल, धर्मेंद्र ठाकुर और गुलाब सिंह ने कहा कि उत्सव को लेकर क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। शनिवार को उत्सव में देवता के मुख्य कार कारिदों ने देव परंपरा निभाई और नड नृत्य का आयोजन किया। इसमें परंपरागत संस्कृति देखने को मिली। इस उत्सव का मुख्य आकर्षण नड़ को मूर्छित करने की प्रक्रिया होगी। इसके चलते इस उत्सव में परंपरागत देव परंपरा की झलक देखने को मिलेगी। संवाद