कुल्लू। जिले में बरसात के दो महीने के बाद साहसिक गतिविधियां 16 सितंबर से शुरू हो जाएंगी। सैलानी जहां आसमान छूने निकलेंगे वहीं ब्यास की लहरों से भी बातें करेंगे। पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग पर लगी रोक हट जाएगी। यानी 16 सितंबर से जिले में एक बार फिर से रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग सहित अन्य साहसिक गतिविधियां सुचारु रूप से चलना शुरू हो जाएंगी। इसके लिए ऑपरेटरों ने तैयारी कर ली है।
ब्यास की लहरों में फिर से देश-विदेश के सैलानी अठखेलियां कर सकेंगे। रिवर राफ्टिंग साइट पिरड़ी, बबेली में एक बार फिर से रौनक देखने को मिलेगी। राफ्टिंग प्वाइंटों पर सैलानियों का मेला लगेगा। डोभी सहित अन्य पैराग्लाइडिंग साइटों पर भी सैलान उड़ान भर सकेंगे। कुल्लू में जिला मुख्यालय के सामने पीज, डोभी, सोलंगनाला आदि अन्य पैराग्लाइडिंग साइटें हैं। जिले के सैकड़ों युवा भी साहसिक गतिविधियां शुरू होने से एक बार फिर स्वरोजगार से जुड़ेंगे। कुल्लू जिले में रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग सहित अन्य साहसिक गतिविधियों से करीब 10,000 युवा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर जुड़े हैं।
इन दिनों कुल्लू और मनाली में पर्यटन कारोबार न के बराबर है। दशहरा सीजन के दौरान पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद है। साहसिक गतिविधियां शुरू होने से पर्यटन कारोबार को गति मिलेगी। कुल्लू और मनाली में आने वाले पर्यटक यहां पर साहसिक गतिविधियाें का लुत्फ उठाते हैं।
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बरसात के कारण 15 जुलाई से 15 सितंबर तक दो माह तक साहसिक गतिविधियां नियमानुसार बंद रहती हैं। 16 सितंबर से साहसिक गतिविधियां फिर शुरू हो जाएंगी।
-सुनयना शर्मा, जिला पर्यटन विकास अधिकारी
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बरसात के कारण 15 जुलाई से 15 सितंबर तक दो माह तक साहसिक गतिविधियां नियमानुसार बंद रहती हैं। 16 सितंबर से साहसिक गतिविधियां फिर शुरू हो जाएंगी।
-सुनयना शर्मा, जिला पर्यटन विकास अधिकारी
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