कुल्लू। बजौरा में हिमुडा में नियम 118 का उल्लंघन कर बाहरी राज्यों केे लोगों को बेचे गए करीब तीन दर्जन प्लॉटों में करोड़ों के घपले से हड़कंप मच गया है। इसमें जहां बाहरी लोगों ने नियम 118 को दरकिनार किया है, वहीं राजस्व विभाग के अधिकारी भी इसके लपेटे में आ रहे हैं।
भुंतर में तैनात राजस्व विभाग के अधिकारियों ने नियम की अनदेखी कर प्लॉटों को बाहरी राज्य के लोगों के नाम करवा दिया। इसमें करोड़ों रुपये की स्टांप ड्यूटी चोरी करने का भी आरोप है। वहीं उपायुक्त कुल्लू की ओर से मामले के दिए जांच के आदेश में भी देरी की जा रही है। शिकायतकर्ता ने सरकार इस करोड़ों रुपये के गड़बड़झाले में एसआईटी का गठन कर इसकी जांच करवाने की मांग की है। धारा 118 के अनुमति पत्र की तीन स्तरों पर जांच होती है। सबसे पहले हिमुडा शिमला की ओर से अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। इसके बाद तहसील की ओर से रजिस्ट्रेशन और फिर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो और पटवारी की ओर से म्यूटेशन किया जाता है। बावजूद इसके बिना धारा 118 की अनुमति के करीब तीन दर्जन प्लॉट्स की रजिस्ट्री कर दी। शिकायतकर्ता अमर सिंह ने कहा कि उपायुक्त कुल्लू की ओर से जांच के आदेश तहसीलदार भुंतर को फरवरी में दिए गए हैं। मगर दो माह बीतने वाले हैं,लेकिन अभी तक जांच शुरू नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि मामला गंभीर है । नियम 118 के उल्लंघन के साथ सरकार को भी लाखों रुपये का चूना लगाया है। कहा कि यह धपला राजस्व विभाग के अधिकारियों की भी मिलीभगत से हुआ है। ऐसे में सरकार को एक एसआईटी का गठन करना चाहिए।