बुढ़ाने की लाठी छिनने से नहीं थम रहे माता-पिता की आंखों के आंसू
पत्नी का भी रो-रोकर बुरा हाल, मासूम बेटे के सिर से उठा पिता का साया
संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली/सैंज (कुल्लू)। सैंज घाटी की शांत वादियों में मंगलवार की रात एक ऐसा सन्नाटा छोड़ गई जिसने दो गांवों के आंगनों से हंसी-खुशी छीन ली।
करटाह गांव के झाबे राम का जवान बेटा राजकुमार और मातला गांव का एक अन्य युवक सड़क हादसे में जिंदगी की जंग हार गए। जिस बेटे को देखकर मां-बाप ने बुढ़ापे की लाठी समझी थी, वही बेटा असमय काल का ग्रास बन गया। राजकुमार के छोटे बेटे की मासूम आंखों में अब सवाल हैं कि पापा कहां गए। पत्नी की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। गांव के लोगों की आंखें नम हैं। यह हादसा न केवल दो परिवारों को तोड़ गया, बल्कि पूरी पंचायत को गहरे शोक में डुबो गया। पंचायत सुचैहण के करटाह गांव में झाबे राम पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जवान बेटे की मौत के बाद परिवार गहरे सदमे में है। शरण के समीप हुए हादसे ने बुढ़ापे का सहारा छीन लिया है।
बेटा कमाई करने जाता था। रोजाना की तरह घर से निकला था। मां-बाप को क्या पता था कि वह वापस नहीं आएगा। जब झाबे राम को हादसे के बारे में पता तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मां और बाप संभल नहीं पा रहे हैं। मृतक राजकुमार की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। युवक का मासूम बेटा भी है। इसे पापा की कमी ताउम्र खलेगी। जवान बेटे की मौत के बाद ग्रामीण और रिश्तेदार परिवार को ढांढस बंधाने आ रहे हैं। परिजनों को रोता-बिलखता देखकर उनकी आंखों में आंसू छलक रहे हैं। सुचैहण पंचायत के मातला गांव के एक अन्य युवक भी हादसे में मौत हुई है। उसका परिवार भी सदमे में हैै। मंगलवार की रात दो परिवारों को गहरे जख्म दे गई है। पंचायत सुचैहण की प्रधान सीतावती ठाकुर ने कहा कि हादसे में पंचायत के दो युवकों की मौत हुई है।