धार्मिक महत्व के पर्यटन स्थल का ट्रैक ठीक करने के लिए विभाग ने बनाया प्रस्ताव
प्रशासन से मांगा 30 लाख रुपये बजट, मंजूरी मिलते ही शुरू कर दिया जाएगा काम
ट्रैक पर साल में छह महीने भेजे जाते हैं सैलानी, अब तय संख्या में भेजे जाएंगे ट्रैकर
गौरीशंकर
कुल्लू। धार्मिक महत्व के पर्यटन स्थल खीरगंगा तक पहुंचने के लिए संकरे और ऊबड़-खाबड़ रास्ते से जल्द छुटकारा मिल सकता है। जोखिम से भरे इस ट्रैक पर पर्यटकों की डगर अब आसान होगी।
13 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक को ठीक करने के लिए विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर जिला प्रशासन को सौंपा है। प्रशासन से मंजूरी मिलते ही धरातल पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। विभाग ने इस ट्रैक को सुधारने के लिए 30 लाख रुपये से अधिक धनराशि मांगी है। इस ट्रैक में नकथाण तक मुख्य मार्ग से जीप योग सड़क बनाने का प्रस्ताव बनाया गया है। नकथाण से आगे ट्रैक को पर्वतारोहियों और पर्यटकों के लिए सुगम बनाया जाएगा, जिससे वे आसानी से खीरगंगा तक पहुंच सकें।
वन विभाग के अनुसार इस रूट पर जाने के लिए अप्रैल से अक्तूबर तक अनुमति दी जाती है। इन छह महीनों में एक लाख से अधिक सैलानी खीरगंगा पहुंचते हैं। अब इसकी कैरिंग कैपेस्टी प्रतिदिन 320 की निर्धारित की गई है। इसके चलते अब विभाग हर दिन निर्धारित संख्या में ही पर्यटकों को भेजेगा।
दर्जनों गंवा चुके हैं जान
खीरगंगा ट्रैकिंग रूट पर अब तक दर्जनों पर्यटक जान गवां चुके हैं। कई सैलानी लापता हो चुके हैं। ये आज तक नहीं मिल पाए हैं। ऐसे में ट्रैक ठीक होने के बाद सैलानी अब सीधे खीरगंगा पहुंचेंगे। रास्ता भटकने की संभावनाएं भी कम हो जाएंगी। जानकारी के अनुसार एक दशक में इस ट्रैक में 8 से अधिक पर्यटक जान गंवा चुके हैं। लापता होने वालों का आंकड़ा इससे अधिक है।
चैक पोस्ट लगेगी
इस रूट पर जाने वाले ट्रैकरों और पर्यटकों को रिकाॅर्ड रखने के लिए चेकपोस्ट स्थापित की जाएगी। यहां इस रूट पर आने-जाने वालों का रिकाॅर्ड रखा जाएगा, जिससे क्षेत्र में रास्ता भटकने और गुम होने की सूरत में रेस्क्यू कार्य समय पर शुरू किया जा सके।
खीरगंगा ट्रैक रूट के लिए योजना बनाई गई है। इसमें ढाई किलोमीटर सड़क और उसके आगे के ट्रैक को ठीक करने की योजना है। इससे पर्यटकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। - विकास शुक्ला, उपमंडल अधिकारी कुल्लू
प्रशासन को ट्रैक रूट से संबंधित प्रारूप भेजा है। इसमें धन की भी मांग की है। इसे स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा।
- प्रवीण ठाकुर, वन मंडलाधिकारी, पार्वती