मौसम खुलने से जिले के किसानों-बागवानों और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद
एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी के लिए बंद सड़कों को बहाल करना सबसे बड़ी चुनौती
जिले में दो हाईवे के सज्ञथ 225 सड़कें बंद होने से थम गए हैं वाहनों के पहिये
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। छह दिन लगातार बादल बरसने के बाद शुक्रवार को सातवें दिन बारिश का दौर थम गया। मौसम खुलने के बाद जिले के किसानों-बागवानों और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
इस साल हुई रिकाॅर्ड बरसात से जिले का जनजीवन पूरी तरह से थम गया है। अब एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग के लिए बंद सड़कों को बहाल करना सबसे बड़ी चुनौती है। कुल्लू-मनाली हाईवे के साथ लोक निर्माण विभाग की मशीनरी सड़कों को बहाल करने में लग गई है। पिछले तीन से चार दिनों तक लगातार भारी बारिश होने से मशीनें एक जगह खड़ी रहीं।
अब लोक निर्माण विभाग के लिए भूस्खलन से टूटी-फूटी सड़कों को खोलने की जिम्मेदारी है। शुक्रवार को कुल्लू दौरे पर आए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी कहा कि बागवानों के फंसे सेब को मंडी तक पहुंचाने के लिए पंचायत स्तर की सड़कों को बहाल करना है। उधर, औट-बंजार-सैंज हाईवे-305 को किसी तरह छोटे वाहनों के लिए खोलने के लिए एनएच ने जगह-जगह मशीनों को लगा दिया है। बताया जा रहा है कि एनएच के बंद होने से बंजार घाटी में बड़े पैमाने पर सेब फंसा है। अभी तक आंकड़ों के अनुसार जिले में अवरुद्ध 225 सड़कों में बंजार में 45 सड़कें बंद हैं। कुल्लू में 44, मनाली में 27 और आनी व निरमंड खंड में सबसे अधिक 109 सड़कों पर वाहनों के पहिये थम गए हैं। लोक निर्माण विभाग का कहना है कि एक सड़क पांच से दस जगहों से बंद हो गई है। जगह-जगह भूस्खलन होने से सड़क पर मलबा आया है और कई जगहों पर डंगों के टूटने से सड़क का ही नामोनिशान ही मिट गया है।