कुल्लू के छरूडू में ब्यास नदी में आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकान।-संवाद
20 फीट तक बढ़ा नदी का जलस्तर, रेस्तरां-खोखे और पुल भी आ गए चपेट में
नुकसान का आकलन कर रहा एनएचएआई, दावा- 2023 से ज्यादा पहुंचाई क्षति
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। लगातार बारिश के बाद ब्यास नदी उफान पर आ गई है। इससे कुल्लू-मनाली हाईवे-3 का बड़ा हिस्सा बाढ़ में समा गया। नदी का जलस्तर अचानक 15 से 20 फीट तक बढ़ गया जिससे रेस्तरां, दुकानें, पुल और खोखे बह गए।
एनएचएआई नुकसान के आकलन करने में जुटा है जबकि पर्यटन और बागवानी क्षेत्र को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। मनाली के बाहंग तक हाईवे तीन को 2023 से भी अधिक नुकसान हुआ है।
एनएचएआई का कहना है कि दो साल पहले 2023 की आपदा से 26 अगस्त को आई बाढ़ ज्यादा खतरनाक थी। ब्यास ने सबसे अधिक नुकसान कुल्लू-मनाली हाईवे तीन को पहुंचाया है। रायसन के साथ मनाली के वोल्वो बस स्टैंड के पास हाईवे का नामोनिशान मिट गया है। इसकी मरम्मत करना एनएचएआई के किसी चुनौती से कम नहीं है। इसका नुकसान न केवल घाटी के पर्यटन कारोबार पर पड़ेगा, बल्कि किसानों-बागवानों को भी उठाना होगा। मनाली सहित ऊझी घाटी में सेब का तुड़ान अभी शुरू हुआ है। ऐसे में सबसे अधिक दिक्कत घाटी के हजारों बागवानों को आएगी। बुधवार को मौसम खुलने के बाद एनएचएआई ने कुल्लू और मनाली की तरफ से हाईवे-तीन को बहाली का कार्य शुरू कर दिया है लेकिन करीब सात से आठ जगहों पर लगभग 1,000 मीटर तक क्षतिग्रस्त हाईवे को दुरुस्त करना अथॉरिटी के लिए चुनौती बन गया है। एनएचएआई के रेजिडेंट इंजीनियर अशोक चौहान ने कहा कि 2023 के मुकाबले हाईवे तीन को अधिक नुकसान हुआ है। इसमें कितना नुकसान हुआ है, टीमें मौके पर जाकर इसका आकलन करेंगी। उन्होंने कहा कि सड़क बहुत बही है ऐसे में इसको ठीक करने में भी समय लगेगा।