सुरक्षा दीवार के बिना खतरे में पड़ रहा गांव का अस्तित्व
कई बार प्रशासन से की सुरक्षा की मांग, नहीं ली गई सुध
संवाद न्यूज एजेंसी
भुंतर (कुल्लू)। भुंतर के साथ लगते जिया गांव का अस्तित्व खतरे में है। जिले में लगातार भारी बारिश के कारण ब्यास और पार्वती नदी उफान पर हैं। दोनों नदियों ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है।
ब्यास और पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। इससे जिया गांव को खतरा बना है। गत मंगलवार को पूरा दिन ग्रामीण भय में रहे और रात जाग कर बिताई।
कुछ क्षेत्र में ग्रामीणों ने अपने बचाव के लिए स्वयं सुरक्षा दीवारें लगाई थीं। भले उन्हें नुकसान पहुंचा है लेकिन वे बचाव कर गईं। ग्रामीण जीतराम, पवन, पुने राम, राजू, कृष्णा देवी, कांता देवी, जयवंती ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से नुकसान हर जगह हो रहा है लेकिन जिया गांव में सुरक्षा दीवार न लगाकर इसे जान बूझकर आफत में धकेला जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि दो -ढाई सालों से कोई भी जिया गांव का हाल जानने नहीं आ रहा। बारिश में अब ग्रामीण भयभीत हो जाते हैं। बाढ़ की स्थिति देख कर कई बार छोटे-छोटे बच्चों और बुजुर्गों को लेकर घर छोड़कर भागना पड़ता हैं। कई बार प्रशासन के समक्ष मामले को उठाया गया है, लेकिन समस्या हल नहीं हो पाई है।
साल 2023 में भी बाढ़ ने बढ़ाई थी परेशानी
जिले में साल 2023 की भयानक बाढ़ ने जिया गांव में नुकसान किया था। गांव को जोड़ने वाला पैदल पुल बह गया था। उसका भी दोबारा निर्माण नहीं हो पाया है। इससे ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश के कारण ब्यास और पार्वती के उफान पर होने की वजह से ग्रामीणों को रातें जागकर काटनी पड़ती हैं।