चार दशक से पक्की नहीं हो पाई सड़क, वाहनों को भी पहुंच रहा नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। मिनी मनाली उदयपुर से लेकर तिंदी तक सड़क की हालत बेहद चिंतनीय है। चार दशक से सड़क पक्की नहीं हो पाई है। इससे सड़क पर सफर जोखिम भरा हो गया है। वाहनों के कलपुर्जे भी टूट रहे हैं। तांदी से संसारीनाला (हिमाचल सीमा) तक यह सड़क सीमा सड़क संगठन (94 आरसीसी) के अधीन है। यह सड़क लाहौल के साथ पांगी घाटी और आगे जम्मू को भी जोड़ती है। खस्ताहाल सड़क का खामियाजा लाहौल के सबसे बड़े गांव मड्ग्रां के लोग भी भुगत रहे हैं। इनकी आवाजाही और नगदी फसलें इसी मार्ग से मंडियों के लिए निकलती हैं।
लाहौल घाटी के मड्ग्रां, सलग्रां और तिंदी पंचायत के लोगों के साथ पांगी घाटी के लोग भी मिनी मनाली से लेकर हिमाचल सीमा संसारीनाला तक सड़क चकाचक होने की राह देख रहे हैं। लाहौल निवासी बलवीर सिंह और पांगी निवासी कृष्ण, जितेंद्र ने बताया कि मिनी मनाली से लेकर तिंदी तक सड़क आज तक पक्की नहीं हो सकी है। सड़क की बदहाली के चलते मड्ग्रां, सलग्रां और तिंदी पंचायत के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सीमा सड़क संगठन से आग्रह किया है कि सड़क की दशा को सुधारा जाए।
उदयपुर में तैनात सीमा सड़क संगठन (94 आरसीसी) के ओसी मेजर विसाग सीपी ने कहा कि मिनी मनाली से आगे तिंदी तक सड़क पक्का और चौड़ा करने को लेकर प्रस्ताव पहले भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर सड़क को चकाचक किया जाएगा। तिंदी से आगे 70 किमी संसारीनाला तक सड़क उनके अधीन है। इस पर 35 किमी के करीब सड़क को टारिंग कर चकाचक कर दिया है, शेष बचा कार्य भी किया जा रहा है। संवाद