क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में आने वाले मरीजों और तीमारदारों को मिलेगी राहत
टनों के हिसाब से कचरा रखने के कारण जेनरेटर के क्षतिग्रस्त होने का था कचरा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल प्रबंधन ने कचरे का इलाज कर दिया है। ऑक्सीजन प्लांट के आसपास से कूड़े का अंबार हटने लगा है। इससे अब अस्पताल में आने वाले हजारों मरीजों और तीमारदारों को गंदगी और बदबू से राहत मिलेगी।
ऑक्सीजन प्लांट के जेनरेटर को भी अब सांसें मिल पाएंगी। जेनरेटर पर टन के हिसाब से कचरे को रखा गया था, जिससे इसके क्षतिग्रस्त होने का खतरा भी बना हुआ था। अब प्रबंधन ने कचरे को हटाना शुरू कर दिया है। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद प्रबंधन ने हरकत में आते हुए अब कूड़े का निष्पादन शुरू कर दिया है।
गौर रहे कि अस्पताल से रोजाना 450 से 500 किलोग्राम ठोस कचरा निकलता है, लेकिन यह कूड़ा अस्पताल परिसर में डंप किया जा रहा था। इस कारण अस्पताल में आने वाले इंडोर और आउटडोर मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट का जेनरेटर भी इसकी जद में आ रहा है। कचरे के भार के नीचे दबने से जेनरेटर क्षतिग्रस्त होने का खतरा था। हालांकि, क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में तीन तरह का कूड़ा निकलता है। इसमें मेडिकल वेस्ट, गीला और ठोस कूड़ा शामिल है। नगर परिषद मनाली के कूड़ा न लेने के फरमान के बाद कूड़े का निष्पादन करना अस्पताल प्रबंधन के लिए समस्या बन गया था। अब अस्पताल प्रबंधन कूड़ा का निष्पादन शुरू कर दिया है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनआर पवार ने कहा कि कुल्लू अस्पताल परिसर से कूड़ा हटाया जा रहा है।