20 किलोमीटर के सफर में लग रहे दो घंटे, छेत के पास धंसी सड़क बढ़ा रही दिक्कत
लोग, सैलानी और पर्यटन कारोबारी परेशान, शनिवार को भी फंसी रहीं निगम की दो बसें
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। बाह्य सराज और बंजार को जोड़ने वाला हाईवे-305 सफर करने वालों के लिए संघर्ष बन गया है। 20 किमी की दूरी तय करने में दो घंटे लगते हैं।
छेत से आगे धंसी 200 मीटर सड़क पर बसों और गाड़ियों को धक्का देना पड़ता है। आम लोग, पर्यटक और पर्यटन कारोबारी इस बदहाल सड़क के कारण परेशान हैं। अगर बारिश हुई तो मार्ग दलदल में बदल जाएगा। आपदा की सबसे ज्यादा मार इसी हाईवे पर पड़ी थी लेकिन चार माह बाद भी हालात पटरी पर नहीं लौटे हैं।
जिले में विंटर सीजन सिर पर है। पर्यटन कारोबारी क्रिसमस और नववर्ष के साथ विंटर सीजन की तैयारियों में जुटे हैं। हाईवे की हालत अभी नहीं सुधरी है। सुबह से देर शाम तक बंजार से सोझा तक वाहन रेंगते नजर आते हैं। सबसे अधिक दिक्क्त छेत से आगे धंसी 200 मीटर सड़क पर आ रही है। यहां बसों और वाहनों को धक्का देना पड़ रहा है। छाेटे से बड़े वाहनों के साथ रोज यही हो रहा है। सवारियां उतारकर बसों को निकालना पड़ रहा है। शनिवार को भी इस जगह पर निगम की दो बसें फंस गईं। सवारियां उतारने के बाद भी बसें नहीं चढ़ पाईं। सुबह करीब 11:45 बजे एक बस यहां फंस गई। चालक ने कई प्रयास किए लेकिन बस आगे बढ़ने के बजाय पीछे आ रही थी। लगभग 12:30 बजे कड़ी मशक्कत के बाद बस को निकाला गया।
पर्यटन कारोबारी जय सिंह, बंटी बिष्ट, राजेंद्र प्रकाश और प्रताप ठाकुर ने कहा कि बंजार से जलोड़ी दर्रा पहुंचने में दो से ढाई घंटे का समय लग रहा है। सबसे अधिक परेशानी छेत गांव से आगे धंसी 200 मीटर सड़क, भेयोट मोड और सोझा कैंची के पास हो रही है। इन जगहों के खराब होने से बंजार से लेकर सोझा तक सुबह से शाम तक जाम की स्थिति बनी रहती है।
उधर, एनएच-305 के अधिशासी अभियंता केएल सुमन ने कहा कि हाईवे के खराब जगहों की मरम्मत का काम चल रहा है। आपदा से हाईवे को सबसे अधिक नुकसान हुआ है।
हाईवे-305 पर सफर करने वाले आम लोगों के साथ पर्यटकों को परेशानी हो रही है। अगर बारिश हुई तो छेत से आगे वाले पॉइंट पर हाईवे दलदल बन जाएगा। यहां वाहनों को निकालना कठिन हो जााएगा। - जय सिंह, पर्यटन कारोबारी
छेत गांव से आगे हाईवे से सैलानी और आम लोग दुखी हैं। बसों के साथ छाेटे वाहन फंस रहे है। छोटे वाहनों को धक्का देकर निकालना पड़ रहा है। शनिवार को दो बसों फंसी रहीं। एक बस करीब 40 मिनट बाद निकाली गई। - बंटी बिष्ट, पर्यटन कारोबारी