दशहरा उत्सव में भाग लेने गए थे मनाली के देवी-देवता
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। देव महाकुंभ दशहरा उत्सव में भाग लेने के बाद ऊझी घाटी के कई देवी-देवता अपने देवालय लौट गए हैं।
घाटी की आराध्य माता हिडिंबा समेत सभी देवता गत वीरवार को देवालय पहुंच गए थे। जगह-जगह देवी-देवताओं का भव्य स्वागत हुआ। कई जगह लोगों ने अपने अपने ईष्ट के सम्मान में देवभोज का भी आयोजन किया। देवी-देवताओं के लौटने से मंदिरों और देवालयों में फिर रौनक लौट आई है।
मनाली घाटी के कई देवी-देवता दशहरा उत्सव की देव परंपरा का निर्वहन करने के लिए कुल्लू रवाना हुए थे। गत बुधवार को कई देवी-देवता लंका दहन की रस्म निभाने के बाद कुल्लू से अपने देवालय के लिए निकले। मनाली इलाके से माता हिडिंबा, शंख नारायण, कार्तिक स्वामी, कंचन नाग, सृष्टि नारायण, शरवरी माता, थान देवता, संध्या गायत्री, दोचा मोचा, त्रिपुरा सुंदरी, देवी सिंगासनी आदि को देवी देवता दशहरा को गए थे। गत वीरवार शाम लगभग सभी देवी-देवता अपने देवालय में पहुंच गए है। दशहरा की परंपरा का निर्वहन करने के बाद माता हिडिंबा भी अपने देवली में पहुंच गई है। कुल्लू से मनाली तक हुई देवयात्रा में भारी संख्या में लोगों ने भाग लिया। संवाद