फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kullu News: कुल्लू में 80 से ज्यादा विद्यालयों को मलबे का ढेर बना गई आपदा

Thu, 18 Sep 2025 10:48 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
विज्ञापन
विज्ञापन
खेल मैदान भी हुए तहस-नहस, बिजली-नेटवर्क न होने से ऑनलाइन नहीं हो रही पढ़ाई
विज्ञापन

बाढ़ और भूस्खलन से प्रारंभिक शिक्षा विभाग को लगी तीन करोड़ रुपये की चपत

राजीव नैय्यर
कुल्लू। बरसात ने जिले के 80 से अधिक स्कूलों के भवन और खेल मैदान तहस-नहस कर दिए हैं। यहां विद्यार्थी अपनी पढ़ाई में खोए रहते थे, अब यहां मलबा और खंडहर हैं।
करोड़ों के नुकसान के बीच हजारों विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर है। बिजली और नेटवर्क न होने से ऑनलाइन पढ़ाई भी अधूरी रह गई है।
इस बरसात में 25 अगस्त से अब तक प्रारंभिक शिक्षा विभाग को तीन करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। सातों शिक्षा खंडों में 80 से अधिक प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के भवनों, खेल मैदानों और परिसरों को भूस्खलन से नुकसान हुआ है। प्रारंभिक आकलन में नुकसान करीब तीन करोड़ का है। यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। बंजार और कुल्लू उपमंडल के विद्यालयों में अधिक नुकसान हुआ है।
विज्ञापन

भवनों के पूर्ण और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने से नियमित कक्षाएं नहीं लगेंगी। इससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था विभाग ने की है लेकिन नेटवर्क और बिजली न होने से समस्या बढ़ गई है। विभाग शिक्षा खंड कुल्लू-एक, कुल्लू-दो, नग्गर, बंजार, सैंज, आनी और निरमंड में हुए नुकसान का आकलन कर रहा है। उधर, गुणवत्ता शिक्षा एवं प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक डॉ. सुनील दत्त ने कहा कि विद्यालयों को हुए नुकसान का आकलन करने के खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। अब तक 80 से अधिक विद्यालयों के भवन, खेल मैदान और परिसर चपेट में आने की रिपोर्ट मिली है। इनमें लगभग तीन करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है।

सुरक्षित भवनों में कक्षाएं लगाने की व्यवस्था
जिन क्षेत्रों में विद्यालय भवन क्षतिग्रस्त हुए, वहां सुरक्षित निजी या सरकारी भवन तलाश कर शिक्षा विभाग नियमित कक्षाओं की व्यवस्था करने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारी और विद्यालय प्रबंधन समिति मिलकर कार्य कर रहे हैं।
विज्ञापन


विद्यार्थियों की सुरक्षा रहेगा पूरा ध्यान
जिले के जिन क्षेत्रों में विद्यालय भवनों को नुकसान हुआ है, वहां नियमित कक्षाओं के लिए भवन तलाशे जा रहे हैं। जिन भवनों का चयन किया जाएगा, पहले उनका निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग के कनिष्ठ अभियंता मौके पर जाकर जांच करेंगे कि भवन सुरक्षित है या नहीं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें