सुप्रीम कोर्ट में अपील के फैसले
से प्रत्याशियों की उम्मीदों पर पानी
पंचायत चुनाव के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे थे प्रत्याशी
संवाद न्यूज एजेंसी
पतलीकूहल (कुल्लू)। प्रदेश भर में ग्रामीण स्तर पर पंचायत चुनाव शीघ्र करवाने के लिए उच्च न्यायालय के फैसले के बाद प्रत्याशियों में एक नई उम्मीद जगी थी लेकिन अब सरकार ने उस फैसले के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने के मामले से जिले में पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे प्रत्याशियों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
लंबे समय से चुनाव का इंतजार कर रहे संभावित प्रत्याशियों में इस फैसले से निराशा और असमंजस का माहौल बन गया है।
उच्च न्यायालय के आदेश के बाद मनाली घाटी की पंचायतों से लेकर निचली घाटियों तक यह चर्चा आम हो गई थी कि अब हो न हो 30 अप्रैल तक पंचायत चुनाव करवा दिए जाएंगे। इसी उम्मीद के सहारे कई संभावित प्रत्याशियों ने प्रधान पद के लिए तैयारियां तेज कर दी थीं। बेशक, आरक्षण रोस्टर जारी नहीं हुआ था लेकिन आधे मन से ही सही उनका घर-घर संपर्क, समर्थकों से बैठकें, विकास के एजेंडे पर चर्चा और खर्चों का आकलन तक शुरू हो चुका था। विशेषकर ऊझी घाटी के मनाली क्षेत्र और कुल्लू जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में प्रधान पद के लिए दावेदारी ठोक रहे कम से कम पांच संभावित उम्मीदवारों के भीतर राजनीतिक उत्साह साफ झलक रहा था लेकिन प्रदेश सरकार की ओर से उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने से हालात एक बार फिर बदल गए हैं।