जिले में बीपीएल सूची में शामिल होने के लिए 30 अप्रैल तक करना होगा आवेदन
कुल्लू जिले की 235 पंचायतों में बीपीएल के चयन के लिए प्रक्रिया शुरू
पंचायतों में वार्ड सदस्य और पंचायत सचिव भी लोगों को करेंगे जागरूक
बलदेव राज
कुल्लू। जिले की पंचायतों में बीपीएल सूची में शामिल होने के लिए इच्छुक परिवार 30 अप्रैल तक आवेदन जमा कर सकेंगे। आवेदन के साथ परिवार को घोषणा पत्र भी देना होगा। हालांकि, चयन के लिए तीन सदस्यीय सत्यापन कमेटी का गठन किया जाएगा।
इस समिति में पंचायत सचिव, पटवारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता होंगे। खंड विकास अधिकारी कुल्लू ने कुल्लू में पंचायत सचिवों की बैठक के बाद बीपीएल सूची में शामिल होने वाले इच्छुक परिवारों से आवेदन लेने को कहा है। बाकायदा, पंचायत सचिवों और वार्ड सदस्यों को भी लोगों को जागरूक करने के लिए कहा गया है। जिले के आनी, बंजार, मनाली और कुल्लू सदर विधानसभा क्षेत्र में 235 पंचायतें हैं। समिति की ओर से तैयार सूची को 15 जून तक पंचायत के नोटिस बोर्ड पर लगाया जाएगा। बहरहाल, अप्रैल के आखिर तक कितने आवेदन मिलते हैं, यह देखने वाली बात होगी।
पंचायत सचिवों के साथ बैठक के बाद उन्हें बीपीएल सूची में शामिल करने के लिए आवेदन लेने को कहा है। 30 अप्रैल तक आवेदन जमा किए जा सकते हैं। पंचायतों में बीपीएल सूची में शामिल करने की प्रक्रिया मानदंडों के तहत पूरी की जाएगी। - चेत राम, खंड विकास अधिकारी
बीपीएल में चयन या शामिल करने के लिए मानदंड
- ऐसे परिवार जिनमें 18 वर्ष से कम आयु के अनाथ बच्चे ही सदस्य हैं अथवा ऐसे परिवार जिनमें केवल 59 वर्ष की आयु के वृद्धजन हैं।
- ऐसे परिवार जिनमें 18 से 59 वर्ष के बीच आयु का कोई सदस्य नहीं है। ऐसे परिवार जिनके मुखिया में 50 फीसदी से अधिक विकलांगता हो।
- ऐसे परिवार, जिनके सभी सदस्यों की ओर से पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के अंतर्गत कम से कम 100 दिन का काम किया हो।
- ऐसे परिवार जिनके कमाने वाले सदस्य कैंसर, अल्जाइमर या अन्य बीमारी से पीड़ित हैं, जिससे स्थायी रूप से अक्षम हो गए हैं।
पंचायत परिवार के मुखिया को यह देना होगा शपथपत्र
पंचायत बीपीएल में शामिल करने से पहले परिवार के मुखिया से शपथपत्र लेगी। घोषणा पत्र में मेरे परिवार के पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है, मेरा परिवार आयकर नहीं देता है। परिवार की समस्त स्रोतों से अर्जित वार्षिक आय 50,000 रुपये से अधिक नहीं है। मेरे परिवार के पास एक हेक्टेयर से अधिक भूमि नहीं है और परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी और अर्द्धसरकारी या निजी नौकरी में नहीं है।