खराहल (कुल्लू)। हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकायों के आम चुनावों के मद्देनजर पिछले करीब 40 दिनों से लागू आदर्श चुनाव आचार संहिता सोमवार को समाप्त हो गई। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद आचार संहिता हटाने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है।
आचार संहिता समाप्त होने के साथ ही कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों में रुके हुए विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। अब प्रशासनिक और राजनीतिक निर्णयों के साथ विभिन्न सरकारी विभागों की विकास योजनाएं भी तेजी से आगे बढ़ सकेंगी। आचार संहिता के दौरान नई नियुक्तियों, तबादलों और वित्तीय स्वीकृतियों से जुड़े कई निर्णय लंबित थे।
लोक निर्माण, जल शक्ति, ग्रामीण विकास और शहरी विकास विभागों के अनेक कार्य भी इससे प्रभावित हुए थे। करोड़ों रुपये की लागत वाली विकास परियोजनाओं के टेंडर अब जारी किए जा सकेंगे। सड़कों के साथ नदी किनारे तटीकरण कार्य भी शुरू हो सकेगा। हालांकि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क टारिंग कार्य के लिए विभाग ने राज्य निर्वाचन आयोग से विशेष अनुमति प्राप्त की थी, जिसके बाद प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में यह कार्य जारी रहा।
आचार संहिता हटने के बाद विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया में भी तेजी आने की संभावना है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की मरम्मत और सुधार कार्यों के साथ-साथ पेयजल योजनाओं के लंबित कार्यों को भी रफ्तार मिलेगी।
सदर कुल्लू के विधायक सुंदर ठाकुर ने कहा कि आदर्श आचार संहिता समाप्त होते ही जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।