कुल्लू। किल्टों में सब्जियां लाकर शहर में बेचने पहुंच रही नारी शक्ति को जहां दाद मिलनी चाहिए वहीं उन्हें दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। अपने परिवार की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं कुल्लू शहर में जहां भी बैठ रही हैं, उन्हें वहां से नगर परिषद उठा देती है। दूसरी जगह बैठने के लिए कहा जाता है।
दस साल से उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान के लिए दौड़ाया जा रहा है। कभी वे फुटपाथ तो कभी ढालपुर, बस अड्डा कुल्लू में बैठना पड़ रहा है। जिला प्रशासन और नगर परिषद से स्थायी ठिकाना मांगा लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। महिलाएं रोजाना खेतों से ताजी सब्जियां लाकर बेच रही हैं लेकिन इन महिलाओं का जिला प्रशासन और नगर परिषद कुल्लू दर्द नहीं समझ पाए हैं। इस संबंध में तहसीलदार एवं कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद कुल्लू हरी सिंह यादव ने कहा कि नगर परिषद की बैठक में महिलाओं को स्थायी जगह चिह्नित करने का मुद्दा रखा जाएगा।
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सुबह 04:00 बजे उठकर आती हूं कुल्लू
परिवार का पालन-पोषण करने के लिए सब्जियों का कारोबार करना पड़ता है। मैं रोजाना सुबह 04:00 बजे उठकर किल्टे में सब्जियां भरकर कुल्लू आती हूं। कभी गाड़ी मिलती है, तो कभी पैदल ही दस से 12 किलोमीटर पैदल चलकर आना पड़ता है। प्रशासन और नगर परिषद स्थायी जगह उपलब्ध नहीं करवा रहे हैं।
-कला देवी, गांव बस्तोरी
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फुटपाथ पर बेचनी पड़ रहीं सब्जियां
जिला प्रशासन और नगर परिषद से बार-बार मांग करने के बावजूद उत्पाद बेचने के लिए स्थायी जगह नहीं मिल पाई है। ऐसे में ग्रामीण महिलाओं को मजबूरन सब्जियां फुटपाथ पर बैठकर बेचनी पड़ रही हैं। स्थायी जगह न होने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। -पुष्पा देवी, गांव बस्तोरी
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एक से दूसरे स्थान पर बार-बार उठाया जाता है
सारी भेखली क्षेत्र की महिलाएं आर्थिकी को मजबूत करने और परिवार का पालन पोषण करने के लिए रोजाना सब्जियां लेकर कुल्लू आती हैं। सब्जियों को बेचने के लिए स्थायी स्थान न होने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। प्रशासन और नगर परिषद से स्थान देने की मांग उठाई है।
-सूरती देवी, गांव बस्तोरी
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स्थायी ठिकाना न होने के कारण पड़ता है भटकना
जिला प्रशासन और नगर परिषद ने ग्रामीण महिलाओं के लिए सब्जियों का कारोबार करने के लिए स्थायी ठिकाना चिह्नित नहीं किया गया है। ऐसे में कई बार महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। प्रशासन और नगर परिषद महिलाओं की सुध ले। -गुड्डी देवी, गांव बस्तोरी