सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति देते एसी भारद्वाज। संवाद।
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रोहतांग (लाहौल स्पीति)। लायुल उत्सव की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में लोक गायक एसी भारद्वाज और अनिल सूर्यवंशी ने दर्शकों को खूब नचाया। इससे पहले दोरजे युडोनमा के कलाकारों ने लोक नृत्य पेश किया। राधिका लाल ने सूफियाना अंदाज में गाना गाया। उन्होंने कागज के दो पंख लिखे, मुसाफिर हूं यारो, ठंडा पानी ओ स्पीति देशा ठंडा पानी ओ आदि एक से बढ़कर एक गीत गाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
हरियाणा के कलाकार सायरस ने हिमाचली लोकगीत माई नी मेरिए शिमला दी राहे चंबा कितनी दूर गीत से दर्शकों को हैरान कर दिया। कलाकार आकाश लोनचेंपा, सुनीता भारद्वाज, रोजी शर्मा, अनिल सूर्यवंशी ने मंच पर धमाल मचाया।
अनिल सूर्यवंशी ने हिंदी, पंजाबी, लाहौली और नेपाली गानों से दर्शकों को नाचने पर विवश कर दिया। उन्होंने इश्क है पिया, नजरें मिलते ही नजरों को चुरा ले गीतों से समा बांधा। उधर, स्टार कलाकार एसी भारद्वाज ने दो घंटे तक पंडाल में बैठे दर्शकों को नचाया। उन्होंने हंसते गाते यहां से गुजर दुनिया की तू परवाह न कर गाने से शुरुआत की। इक परदेसी मेरा दिल ले गया से समापन किया। उन्होंने कांची रे कांची रे, दिल का भंवर करे पुकार, भाई साहब जी गीत आदि गाए। बता दें कि लायुल उत्सव 2022 की दूसरी संध्या में एलपीएस चेयरमैन सुदर्शन जस्पा बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि अटल टनल रोहतांग घाटी में पर्यटन की संभावनाएं बढ़ी हैं।
लायुल उत्सव की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में लाहौली नृत्य करते स्थानीय कलाकार। संवाद- फोटो : Kullu