जिला कुल्लू में फिर से बदले मौसम के तेवरों को देख जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। मंगलवार को लाहौल घाटी समेत रोहतांग दर्रा, जलोड़ी दर्रा, कुंजुम दर्रा और बारालाचा में सुबह से ही रुक-रूक कर बर्फबारी का दौर जारी रहा। निचले इलाकों में हुई बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन नजर रखे हुए हैं। खतरे वाली संभावित जगहों पर लोगों को ना जाने की हिदायत दी गई है। मंगलवार को एचआरटीसी कुल्लू ने जिला के भल्याणी, डुघीलग, रतोचा, बिजली महादेव, कुठेड़, तेलंग, बस्तोरी, बालू, पाहानाला, कमांद, ग्लवाहधार सहित 20 संवेदनशील रूटों पर बसों को गंतव्य तक नहीं भेजा है।
पर्यटन नगरी मनाली के प्रसिद्ध स्नो प्वाइंट सोलंग नाला में बीते तीन सप्ताह से सैलानियों की आवाजाही पर अभी भी रोक जारी है। बाह्य सराज क्षेत्र आनी-निरमंड को जोड़ने वाला औट-बंजार-सैंज हाईवे-305 मंगलवार दोपहर बाद यातायात के लिए बंद हो गया है। एनएच अथॉरिटी ने 21 जनवरी को हाईवे-305 को 16 दिनों के बाद 20 किलोमीटर दायरे से बर्फ हटाकर इसे छोटे वाहनों के लिए बहाल किया था। इस संबंध में उपायुक्त कुल्लू युनूस ने कहा कि प्रशासन मौसम की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला के सभी उपमंडल अधिकारियों, आपदा प्रबंधन टीमों, सभी विभागों खासकर आईपीएच, लोनिवि तथा बिजली बोर्ड को अलर्ट रहने को कहा गया है। उन्होंने कुल्लू-मनाली सैर सपाटे को पहुंचे सैलानियों और आम लोगों को भी खतरे वाली जगहों पर न जाने की हिदायत दी है।