अटल टनल बनने के बाद जगी थी उम्मीद, अभी तक नहीं हो पाया कार्य
अल्पाइन विंटर स्पोर्ट्स क्लब त्रिलोकनाथ में 19-20 को करवाएगा स्कीइंग स्पर्धा
संवाद न्यूज एजेंसी
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। अटल टनल रोहतांग बनने के बाद भी लाहौल घाटी में शीतकालीन खेलों को बढ़ावा नहीं मिल रहा है। त्रिलोकनाथ, बरबोग, सुमनम सहित घाटी में कई ढलानें इस समय बर्फ से लकदक हैं। त्रिलोकनाथ की ढलान पर क्षेत्र के युवा अपने दम पर स्कीइंग प्रतियोगिता के मुकाबले के लिए खूब रिहर्सल कर रहे हैं। अल्पाइन विंटर स्पोर्ट्स क्लब इस ढलान पर 19 और 20 मार्च को दो दिवसीय जिला स्तरीय स्कीइंग प्रतियोगिता का आयोजन करने जा रहा है।
सरकारी स्तर पर घाटी के युवाओं को आगे ले जाने की दिशा में कोई प्रयास नहीं हो रहे हैं। विकसित न होने से ये ढलानें सूनी पड़ी हैं। अटल टनल रोहतांग बनने से पूर्व लाहौल घाटी में विंटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के बड़े दावे होते रहे हैं लेकिन टनल बनने के साढ़े तीन साल बाद भी घाटी की ढलानें विकसित होने की राह देख रही हैं। घाटी के युवक और युवतियों में प्रतिभा की कमी नहीं है।
रापे गांव की प्रकृति ठाकुर की बात करें तो उन्होंने खेलों इंडिया में हिमाचल के लिए रजत और उत्तराखंड में राष्ट्रीय स्तर के स्नो बोर्डिंग मुकाबले में रजत और स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया किया है। तांदी पंचायत के पूर्व प्रधान सुरेश कुमार ने कहा कि लाहौल घाटी में शीतकालीन खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की ढलानें मौजूद हैं, लेकिन उन्हें विकसित नहीं किया जा रहा है। अल्पाइन विंटर स्पोर्ट्स के अध्यक्ष दुनी चंद ने बताया कि उनका क्लब अपने दम पर 19 और 20 मार्च को अपने स्तर पर स्कीइंग प्रतियोगिता का आयोजन करने जा रहा है। संवाद