चौहकी गांव में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन पर बैठे हुए ग्रामीण
कुल्लू। मणिकर्ण घाटी के चौहकी में मलाणा पावर प्रोजेक्ट-वन की ओर से आपदा प्रभावितों की अनदेखी के खिलाफ ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना रविवार को भी जारी रहा। छठे दिन ग्रामीणों ने परियोजना प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीण मलाणा-वन परियोजना के पावर हाउस चौहकी के गेट पर प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन कंपनी के अधिकारी ग्रामीणों की बात सुनने के लिए पावर हाउस के गेट तक नहीं पहुंचे। प्रोजेक्ट का निर्माण करने वाली कंपनी के अधिकारियों ने अभी तक ग्रामीणों की बात नहीं सुनी है। इसको लेकर लोगों में प्रशासन और परियोजना प्रबंधन के खिलाफ रोष है।
महादेव युवक मंडल चौहकी के प्रधान भगत सिंह ठाकुर ने कहा कि ग्रामीण परियोजना से कोई भीख नहीं मांग रहे हैं, बल्कि अपना हक मांग रहे हैं। कहा कि मलाणा पावर प्रोजेक्ट-वन का जब बांध फटा तो चौहकी से लेकर बलाधी तक कई घर बाढ़ में बह गए। मंदिर और कई बीघा उपजाऊ भूमि का नामोनिशान ही मिट गया। ग्रामीण धरना-प्रदर्शन पर नहीं उतरना चाहते थे, इसलिए प्रशासन और परियोजना प्रबंधन को नुकसान का आकलन करने के लिए कहा। ग्रामीणों की मांग को अनसुना करने पर आंदोलन के सिवाय दूसरा कोई चारा नहीं बचा। उन्होंने परियोजना प्रबंधन को आगाह किया कि ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी 10 मांगों को कंपनी की ओर नहीं पूरा नहीं किया जाता।
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उपायुक्त से भी मिलेंगे ग्रामीण
सोमवार को ग्रामीण उपायुक्त कुल्लू से इस मसले को लेकर मिलेंगे। ग्रामीणों की ओर से उपायुक्त और एसपी कुल्लू को ज्ञापन सौंपकर आक्रोश रैली के संबंध में सूचित किया जाएगा। चौहकी में चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल में लोग राजनीति से ऊपर उठकर प्रभावितों के हकों के लिए इसमें शामिल हो रहे हैं।
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