धरवास पुल के ठीक होते ही उस ओर दौड़ने लगे सभी वाहन
करयुनी और महालू नाला में सड़क की बहाली में अफसरों-जवानों के छूटे पसीने
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। संसारीनाला-किलाड़-थिरोट-तांदी (एसकेटीटी सड़क) पर आवाजाही करने वाले लोगों को राहत मिली है। आपदा के 22 दिन बाद यह मार्ग बहाल हो गया है। आपदा के बाद बुधवार देर शाम बीआरओ ने कड़ी मशक्कत के बाद यह सड़क बहाल कर हिमाचल प्रदेश और जम्मू का आपसी संपर्क जोड़ दिया है।
बीआरओ की 94 आरसीसी के अधिकारियों और जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए तांदी-संसारीनाला (हिमाचल सीमा) तक सड़क को छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया है। धरवास नाले में पुल का कार्य पूरा होते ही पांगी घाटी संसारी के रास्ते पाडर-किश्तवाड़-जम्मू से जुड़ गया है। सीमा सड़क संगठन ने रविवार को अवकाश वाले दिन धरवास पुल का निर्माण कार्य शुरू कर दावा भी किया था कि परिस्थिति अनुकूल रहने पर धरवास पुल को तीन-चार दिन में ठीक कर यातायात के लिए बहाल कर दिया जाएगा। ऐसे में बुधवार देर शाम बीआरओ ने इस पुल को ठीक कर एसकेटीटी सड़क पर छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू करवा दी है।
बता दें कि इस पुल से वाहनों की आवाजाही 27 अगस्त से बंद थी। बीआरओ से मिली जानकारी के मुताबिक 27 अगस्त को धरवास नाले में आई बाढ़ से पुल के अवर्टमेंट को काफी ज्यादा नुकसान हुआ था। यह एसकेटीटी सड़क तांदी से संसारीनाला (हिमाचल सीमा) तक उदयपुर में तैनात सीमा सड़क संगठन 94 आरसीसी के अधीन है।
पिछले दिनों लगातार हुए बारिश और बाढ़ ने उस ओर भी सड़कों को भारी नुकसान पहुंचाया था। उस ओर करयुनी और महालू नाला में सड़क ठीक करने में सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों व जवानों को कड़े संघर्षों के बीच से होकर गुजरना पड़ा। अगस्त में हुई भारी बारिश के बीच एसकेटीटी सड़क पर करयुनी नाला में 80 मीटर और महालू नाला में 100 मीटर सड़क ही ढह गई थी, उस सड़क को ठीक करने के बाद बीआरओ ने रविवार से धरवास पुल ठीक करने का कार्य शुरू किया था। इस अभियान में बीआरओ 94 आरसीसी के जवानों के साथ संगठन के कैप्टन सुनील कुमार और कनिष्ठ अभियंता निर्मल के नेतृत्व में उनकी टीम ने कार्यों को अंजाम दिया है। कैप्टन सुनील कुमार ने बताया कि किलाड़ से आगे धरवास पुल को ठीक कर दिया गया है अब इस मार्ग में छोटे-बडे़ वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है।