रामपुर के लिए जरूरी.........
बाह्य सराज में मनाई जाती है पारंपरिक शिवरात्रि, तैयारियां हुईं शुरू
भगवान शिव को खुश करने के लिए केमटू की माला की होगी पूजा-अर्चना
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। शिवरात्रि पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। आठ मार्च को शिवरात्रि पर्व पर बाह्य सराज में केमटू की माला (सैंई) की पूजा-अर्चना की जाएगी। पर्व को लेकर लोगों ने घरों की साफ-सफाई शुरू कर दी है। ग्रामीण घर-घर जाकर पारंपरिक गीत जती और नटाउक गाकर भगवान शिवजी को खुश कर रहे हैं। सदियों पुरानी परंपरा को युवा पीढ़ी भी बखूबी निभा रही है।
शिवरात्रि नजदीक आते ही लोगों ने तैयारियां भी जोरों से शुरू कर दी है। लोग पारंपरिक व्यंजनों के लिए तरह-तरह का सामान खरीद रहे हैं। जिले के बाह्य सराज में अनोखे तरीके से शिवरात्रि पर्व मनाया जाता है।
यहां लोग केमटू (फल) की माला (सैंई) बनाकर इसे शिवजी के नाम से पूजते हैं। रीति-रिवाज के अनुसार आठ मार्च दोपहर 12:00 बजे से पहले इस माला को तैयार किया जाएगा। इसमें आटे के बने मेमने, पूड़ी (पूरी) और हलवा को बतौर प्रसाद रखा जाता है। लोग रातभर इस माला को भगवान शिव का स्वरूप मानकर पूजा-अर्चना के साथ भजन-कीर्तन करते हैं।
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परंपरा का कर रहे निर्वहन
रघुपुर घाटी के बनाला, बालू, लोट, फनौटी, कोट, करशाला, सुहल, जुहड़, खनाग, बलेहड़, पकरेड़, खडोरन, कोठी, बिशलाधार के अलावा शिल्ही-जांचा और कुंगश, कराना, जाबन घाटी में शिवरात्रि उत्सव धूमधाम मनाया जाएगा। बेली राम, किशोरी लाल, सोहन लाल, कुमार सिंह, ओम प्रकाश, हंस राज व केवल राम ने कहा कि ठंड के बावजूद लोगों में शिवरात्रि पर्व को लेकर उत्साह है। पूरी घाटी ढोल-नगाड़ों और शिवरात्रि गीत जती तथा नटाउक से देवमय हो गई। लोग घर-घर जाकर इस परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं। कुल पुरोहित शिवराज शर्मा ने कहा कि शिवरात्रि पर्व आठ मार्च को मनाया जाएगा।