साडा केलांग की गैर सरकारी सदस्यों की कमेटी में मांगा एक समान प्रतिनिधित्व
एक साल पहले सरकार ने लाहौल की सात पंचायतों को साडा केलांग में किया शामिल
गैर सरकारी सदस्यों में केवल केलांग पंचायत को प्रतिनिधत्व मिलने का किया विरोध
अशोक राणा
केलांग (लाहौल-स्पीति)। विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) केलांग की कमेटी में लाहौल की सात पंचायतों ने प्रतिनिधित्व की मांग की है।
पंचायतों ने कहा कि जब उन्हें विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण केलांग के दायरे लाया गया है तो कमेटी के गैर सरकारी सदस्यों के तौर पर उनकी पंचायतों को भी प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। दरअसल, सरकार ने जनवरी 2024 में अधिसूचना जारी कर कोकसर, सिस्सू, खंगसर, गोंदला, मूलिंग, गौशाल और तांदी पंचायतों को साडा में शामिल किया है। 31 दिसंबर, 2024 को साडा कमेटी की जिन तीन गैर सरकारी सदस्यों की अधिसूचना जारी की गई है, वे तीनों केलांग पंचायत से हैं। ऐसे में अन्य सात पंचायतें साडा में बिना प्रतिनिधित्व रह गई हैं।
पंचायतों ने इस अधिसूचना का विरोध करते हुए नए सिरे से सभी पंचायतों को कमेटी में प्रतिनिधित्व देने की मांग की है। अटल टनल खुलने के बाद साडा जिला प्रशासन का एक कमाऊ पूत बन गया है।
सूत्रों के मुताबिक सिस्सू और गुफा होटल साडा बैरियर से अब तक करीब 15 करोड़ की आमदनी हो चुकी है। कोकसर पंचायत के प्रधान सचिन मिरुपा ने कहा कि साडा में जितनी भी नई पंचायतों को शामिल किया है, कमेटी में सभी को एक समान प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
पंचायत प्रतिनिधि बोले
मूलिंग पंचायत प्रधान अमर प्रकाश, खंगसर पंचायत के प्रधान सुरेश, गोंदला पंचायत प्रधान सूरज ठाकुर, तांदी पंचायत के प्रधान वीरेंद्र, राजीव कुमार ने कहा कि जब हमारी पंचायत साडा में शामिल की गई है तो कमेटी में हमें भी प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। कमेटी बनाने से पहने सभी पंचायतों से सलाह लेनी चाहिए। साडा में हमें हमारा प्रतिनिधित्व किसी भी सूरत में चाहिए, क्योंकि बिना अन्य पंचायतों के बात किए एक ही पंचायत से कैसे सदस्य चुन लिए गए। कमेटी के गैर सरकारी सदस्यों में सभी आठ पंचायतों को एक समान प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। यह पंचायतों का सांविधानिक हक है।
दिसंबर 2024 में कमेटी के गैर सरकारी सदस्यों की अधिसूचना जारी हुई है। इसमें तीनों सदस्य केलांग पंचायत के हैं।
- रजनीश शर्मा, सदस्य सचिव साडा एवं एसडीएम