लाहौल में संसारी - किलाड- तांदी मार्ग को बहाल करने के बाद गुजरते वाहन।-संवाद
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। संसारी-किलाड़-थिरोट-तांदी (एसकेटीटी) मार्ग रविवार दोपहर बाद सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल हो गया है। शनिवार अलसुबह 4 बजे करचेड़ नाला के साथ कई स्थानों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने से मार्ग बंद हो गया था। इससे सलग्रां और तिंदी के लोगों के साथ पांगी घाटी के लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। जगह-जगह पत्थर गिरने से क्षेत्र में फंसे यात्री मार्ग बहाल होने का इंतजार कर रहे थे।
सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की मशीन और मजदूर मौके पर रवाना हुए। रविवार को कड़ी मशक्कत के बाद मार्ग पहले छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल किया। इस दौरान मार्ग के दोनों ओर फंसे सभी छोटे वाहनों को आर-पार करवाया। इसके बाद सड़क को बड़े वाहनों के लिए भी दुरुस्त किया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि शनिवार को करचेड़ के पास मार्ग बंद होने से उदयपुर से सलग्रां और तिंदी के लिए निकली बस भी लौट आई थी। पांगी घाटी के लोगों का कहना है कि एसकेटीटी सड़क का बंद होना आम बात हो गई है। बारिश के बीच उस ओर सफर करना खतरे से खाली नहीं है। भूस्खलन और पहाड़ों से पत्थर गिरना जारी है। उदयपुर में तैनात सीमा सड़क संगठन 94 आरसीसी के कमांडिंग आफिसर मेजर पारस ने बताया कि कुरचेड़ नाला के पास भूस्खलन के कारण मार्ग बंद हो गया था। इस रविवार दोपहर बाद सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया है। संवाद