बीस भादो के स्नान को माना गया है पवित्र, बीमारियों से मिलता है छुटकारा
शौठ निहारगड़ू और खीरगंगा में भी आस्था की डुबकी लगाएंगे श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। बीस भादो पर 4 सितंबर को धार्मिक नगरी मणिकर्ण, पार्वती-ब्यास नदी के संगम स्थल जिया में शाही स्नान होगा। गड़सा घाटी के शौठ निहारगड़ू और खीरगंगा में भी श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे।
बीस भादो के शाही स्नान की तैयारियां पूरी हो गई हैं। बीस भादो की पूर्व संध्या पर मंगलवार को मणिकर्ण में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान श्रद्धालुओं ने श्रीरामचंद्र मंदिर में शीश नवाया। भजन-कीर्तन का दौर भी चला। 20 भादो में स्नान शुभ जाता है। मान्यता के अनुसार इस दिन जंगली जड़ी बूटियां पककर पानी में घुल जाती हैं। प्राकृतिक चश्मों में पवित्र स्नान से कई प्रकार की बीमारियों से छुटकारा मिलता है।
राम मंदिर मणिकर्ण के प्रधान जनकराज शर्मा और कारदार मनोज शर्मा ने कहा कि मणिकर्ण में शाही स्नान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 4 सितंबर सुबह ब्रह्ममुहूर्त में शाही स्नान का सिलसिला आरंभ होगा। बुधवार को यहां पर श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा। जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने कहा कि 20 भादो के स्नान का काफी महत्व है। इस दिन संगम स्थल जिया सहित अन्य तीर्थ स्थलों में भी देवता शाही स्नान करते हैं।
...
डायनासौर झील में 20 भादो स्नान की मनाही
लगघाटी की पवित्र झील डायनासौर में 20 भादो के पवित्र स्नान की मनाही रहेगी। कुल्लू, मंडी और कांगड़ा के देवी-देवताओं ने यहां पर स्नान के लिए मना किया है। लगघाटी की अधिष्ठात्री माता फूंगणी के कारदार की ओर से सभी श्रद्धालुओं से देव आदेशों का पालन करने की अपील की गई है।