बर्फबारी से वाहनों की आवाजाही के बंद हुए कुल्लू और लाहौल पांगी को जोड़ने वाले एकमात्र मार्ग को बहाल करने में बीआरओ डट गया है। बीआरओ के जवान रोहतांग दर्रे के दोनों ओर दर्रे को बहाल करने में जुट गए हैं। रविवार को मौसम साफ रहने के कारण बीआरओ के जवानों को बर्फ हटाने में कोई दिक्कत पेश नहीं आई।
रोहतांग बहाली को मनाली की ओर गुलाबा से आगे बीआरओ की मशीनरी डटी रही। वहीं, लाहौल की ओर से कोकसर से आगे सीमा सड़क संगठन का काफिला बढ़ गया है। ऐसे ही मौसम साफ रहा तो एक-दो दिनों के अंदर रोहतांग दर्रा बहाल हो सकता है। लाहौल और पांगी घाटी में सैकड़ों लोग कुल्लू आने की राह देख रहे हैं। ऐसे में रोहतांग दर्रा बहाल होने से घाटी के सैकड़ों लोगों को राहत मिल सकेगी। हालांकि, मौसम विभाग ने 16 दिसंबर के बाद फिर से मौसम खराब होने का अनुमान जताया है। गौरतलब है कि रोहतांग दर्रे में शुक्रवार को तीन फुट से अधिक ताजा हिमपात हुआ था।
कोकसर में तैनात रेस्क्यू दल के प्रभारी लुदर सिंह ने कहा कि ठंड के चलते कोकसर तथा रोहतांग का तापमान जमाव बिंदु से काफी नीचे चल रहा है। 38 बीआरटीएफ के कमांडर कर्नल केपी राजेंद्र ने कहा कि एक बार फिर रोहतांग दर्रे में बीआरओ ने बर्फ हटाने का कार्य छेड़ दिया है। उन्होंने बताया कि बीआरओ ने लाहौल की ओर से कोकसर और मनाली की तरफ से मढ़ी से आगे तक सड़क को बहाल कर दिया है। एक-दो दिनों के अंदर रोहतांग दर्रे को यातायात के लिए बहाल किया जाएगा।