विश्व प्रसिद्ध रोहतांग दर्रा की बहाली के लिए सीमा सड़क संगठन के पास 24 किलोमीटर का फासला शेष रह गया है। सब कुछ ठीक रहा तो एक सप्ताह के भीतर लाहौल और पांगी घाटी रोहतांग के रास्ते शेष विश्व से जुड़ जाएगी। लाहौल की ओर से सीमा सड़क संगठन के जवान सड़क से बर्फ हटाते हुए ग्रांफू के पास पहुंच गए हैं।
जवान मनाली की ओर से राहनीनाला में मोर्चा संभाले हुए हैं। रोहतांग दर्रा जल्द बहाल होने से नार्थ पोर्टल में टनल निर्माण का कार्य भी जल्द शुरू हो सकेगी। वीरवार को बीआरओ के जवानों ने ग्रांफू तक सड़क से बर्फ हटा दी है। वहीं कोकसर में चंद्रा नदी पर पुल की चादरें भी वीरवार को लगा दी गई हैं। लाहौल की ओर से दर्रे पर पहुंचने के लिए 18 किलोमीटर का फासला रह गया है।
मनाली की ओर से टॉप पहुंचने में 6 किलोमीटर में बर्फ हटाए जाने का कार्य शेष रह गया है। बीआरओ के अधिकारियों का मानना है कि मौसम ठीक रहा तो तो एक सप्ताह के भीतर रोहतांग दर्रे को बहाल किया जाएगा। 38 बीआरटीएफ के कमांडर कर्नल केपी राजेंद्र ने बताया कि रोहतांग दर्रे की बहाली को बीआरओ की टीम लाहौल की ओर से ग्रांफू और मनाली की ओर से राहनीनाला पहुंच गई है। 24 किलोमीटर में शेष बची हुई बर्फ हटाने के काम को एक सप्ताह में पूरा कर रोहतांग को बहाल कर दिया जाएगा।