देवभूमि कुल्लू के नग्गर के साथ सटे गांव घुड़दौड़ में शिवलिंग को तोड़कर देव आस्था को पहुंचाई ठेस पर क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। वीरवार को ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से इस संबंध में खबर को प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशित होते ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारी और क्षेत्र के देव कारकून मौके पर पहुंचे। हालांकि क्षेत्र के लोगों ने लोक निर्माण विभाग पर शिवलिंग तोड़ने की बात कही थी।
जब वीरवार को शिवलिंग का जायजा लेने के लिए क्षेत्र के कारकून सहित लोनिवि अधिकारी पहुंचे तो उसमें दोनों पक्षों की गलतियां पाई गईं। शिवलिंग तोड़ने का कारण लोक निर्माण विभाग को जानकारी न होना और लोगों की अनदेखी रहा। इस शिवलिंग को लरांकेलो महादेव का चिन्ह बताया जार रहा है। प्राचीनकाल से यह शिवलिंग आस्था का केंद्र रहा है। नई पीढ़ी इस आस्था से दूर थी। यह वजह भी शिवलिंग टूटने की रही। जब आसपास के कार कारिंदे खबर छपते ही मौके पर पहुंचे तो इस स्थान को आस्था से परिपूर्ण बताया गया।
गणपति देवता के कारदार प्रकाश ठाकुर और लोक निमार्ण विभाग के एसडीओ बीसी नेगी मौके पर पहुंचे। घटना का पूरा जायजा लिया गया। कारदार ने बताया कि यह लरांकेला के महादेव का चिन्ह है। यहां अच्छा स्थान बनाने की आवश्यकता है। वहीं लोक निर्माण विभाग के एसडीओ बीएस नेगी ने कारकूनों को मंदिर निर्माण और मंदिर अनुष्ठान के लिए सहयोग करने का आश्वासन दिया है। वहीं घुड़दौड़ निवासियों ने भी जल्द मंदिर बनाने का निर्णय लिया है जिससे आने वाले समय में इस तरह का देव आस्था के साथ कोई खिलवाड़ न हो सके।