उपायुक्त युनूस ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि उनके कार्यालय में कोई भी राजस्व मामला छह माह से अधिक लंबित नहीं रहना चाहिए। जिला के सभी राजस्व कार्यालयों को आधुनिक सुविधा से लेस किए जाएंगे, जिससे राजस्व रिकार्ड को सुरक्षित रखा जा सके। उपायुक्त कुल्लू के बचत भवन में वीरवार को राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ राजस्व मामलों की समीक्षा बैठक के दौरान बोल रहे थे। डीसी ने बताया कि जिला कुल्लू के सभी उपमंडल स्तर पर राजस्व मामलों का निपटारा करने के लिए विभिन्न स्थानों पर पिछले माह विशेष शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में लगभग 90 प्रतिशत निशानदेही, इंतकाल, जमीन वंटवारा जैसे मामलों का मौके पर ही निपटारा किया जा चुका है। उपायुक्त ने सभी उपमंडल अधिकारियों, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को अपने क्षेत्र के पटवारखानों का नियमित रूप से निरीक्षण और अन्य मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करने के आदेश दिए। उपायुक्त ने राजस्व अधिकारियों को जनवरी 2017 तक जमाबंदी प्रक्रिया को भू अभिलेख में दर्ज करवाना सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उपायुक्त ने सभी राजस्व अधिकारियों को भूमिहीन पात्र व्यक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर ग्रामीण क्षेत्र में तीन विस्वा और शहरी क्षेत्र में 2 विस्वा भूमि उपलब्ध करवाने को कहा। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अभी तक 17 पात्र व्यक्तियों को भूमि का आवंटन किया गया है। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त राकेश शर्मा, उपमंडल अधिकारी मनाली एचआर बेरवा, उपमंडल अधिकारी कुल्लू, रोहित राठौर, उपमंडल अधिकारी आनी डॉ. सीएल चौहान, जिला राजस्व अधिकारी रमन घरसंगी सहित सभी तहसीलदार व नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।