पंचायतीराज चुनावों के नजदीक आते ही कुल्लू नगर परिषद में सियासी घमासान शुरू हो गया है। इस बार कई दिग्गजों के वार्डों में आरक्षण की मार पड़ी है। इससे शहर की राजनीतिक सियासत काफी गरमा गई है। शहर के वार्ड आठ और नौ में इन दिनों चुनावी हलचल तेज हो गई है।
उम्मीदवारों का चयन भी पार्टियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
नगर परिषद के वार्ड नौ से कई दिग्गज नेताओं ने अपनी-अपनी पार्टी के पास उम्मीदवारी के लिए पैरवी करनी शुरू कर दी है। हालांकि, भाजपा से वर्तमान पार्षद अरुण कंबोज भी इस बार दावेदार हैं। वहीं, वर्तमान में आठ नंबर वार्ड से कांग्रेस के पार्षद हैं, जिनको मात देने के लिए कई कांग्रेसी तैयार बैठे हैं। जबकि, भाजपा के उम्मीदवारों के चयन के लिए अभी घमासान चल रहा है। वहीं, वर्तमान अध्यक्ष ऋषभ कालिया भी अपने छह नंबर वार्ड के आरक्षित होने के कारण वार्ड नौ या आठ के लिए पलायन करने जुगाड़ में हैं। जबकि, दूसरी ओर कांग्रेस के दावेदारों की लिस्ट भी लंबी है। भले ही कांग्रेस ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं लेकिन चर्चा कई लोगों के नामों पर चल रही है। लिहाजा, ऐसे में आठ और नौ नंबर वार्ड की सीट काफी हाट मानी जा रही है।
वार्ड नौ से पिछली बार भाजपा के अरुण कंबोज से हारने वाले कांग्रेस के वीरेंद्र शर्मा का नाम फिर से चर्चाओं में है। इसके अलावा पूर्व में नगर परिषद के अध्यक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोपाल कृष्ण महंत का नाम भी चर्चा में है। जबकि, वर्तमान में नप उपाध्यक्ष भी इन वार्डों में अपना भाग्य अजमाने के लिए तैयार बैठे हैं। भूतपूर्व नप अध्यक्ष सुमेरनाथ अवस्थी भी कुल्लू के नौ या आठ नंबर वार्ड से चुनावी मैदान में उतरने की फिराक में हैं। पूर्व अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता गोपाल कृष्ण महंत का घर नगर परिषद के वार्ड नंबर छह में है, लेकिन इस बार यह वार्ड महिला के लिए आरक्षित है। इसके चलते गोपाल कृष्ण महंत को यहां से पलायन करना पड़ रहा है। जबकि, कांग्रेस से ही ताल्लुक रखने वाले भूतपूर्व अध्यक्ष सुमेरनाथ अवस्थी भी अखाड़ा बाजार के तीन नंबर वार्ड से सरोकार रखते हैं। लेकिन उनकी भी यही दशा बनी हुई है। चुनाव लड़ने के लिए वह भी अपने लिए राजनीतिक जमीन की तलाश में हैं। वर्तमान पार्षद अरुण कंबोज को टक्कर देने के लिए नप अध्यक्ष ऋषभ कालिया अंदरखाते दावेदारी जता रहे हैं। हालांकि, संगठन के अंदर अरुण कंबोज की पैठ अधिक मानी जा रही है। खैर, अब देखना यह है कि कौन दिग्गज सीट कब्जाने में कामयाब होता है।