ढालपुर में 10 संगठनों के पदाधिकारियों ने बैठक में रणनीति बनाकर दी चेतावनी
प्रतिनिधिमंडल ने डीसी को भी सौंपा पत्र, नहीं थम रहा टोल प्लाजा का विरोध
आरोप- नियम ताक पर रखकर बनाया है टोल प्लाजा, लोगों को होगा नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। डोहलूनाला टोल प्लाजा को लेकर लोगों का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित ढालपुर में 10 संगठनों के पदाधिकारी एकत्रित हुए। इसके बाद डोहलूनाला टोल प्लाजा के विरोध में रणनीति तैयार की गई।
एक दिन पहले डोहलूनाला में जाकर एसडीएम कुल्लू ने जन सुनवाई की थी। विभिन्न संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त तोरुल एस रवीश से मिला।
प्रतिनिधिमंडल ने लिखित पत्र सौंपकर डोहलूनाला टोल प्लाजा को हटाने की मांग की है। डोहलूनाला टोल प्लाजा संघर्ष समिति के सह संयोजक घनश्याम कपूर ने कहा कि यह टोल प्लाजा एनएचएआई के नियमों पर भी खरा नहीं उतरता है। कायदे से एक टोल प्लाजा से दूसरे की दूरी 60 किलोमीटर होनी चाहिए, लेकिन टकोली में स्थापित टोल प्लाजा से डोहलूनाला की दूरी 38 किलोमीटर है। ऐसे में डोहलूनाला टोल प्लाजा नियमों पर खरा नहीं उतरता है। केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी संसद में इस बात को साफ कर चुके हैं। उन्होंने अपने बयान में कहा था कि 60 किलोमीटर के भीतर अगर कोई टोल लगा है तो उसे रिमूव किया जाएगा। ऐसे में डोहलूनाला टोल प्लाजा को हटाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर आने वाले समय में इसे नहीं हटाया गया तो क्षेत्र के लोगों को आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा।
फोरलेन संघर्ष समिति के संयोजक दिनेश सेन ने कहा कि क्षेत्र के लोगों को इस टोल प्लाजा के शुरू होने से नुकसान होगा। हालांकि, आपदा के बाद इसे बंद किया गयाथा, लेकिन अब टोल प्लाजा शुरू करने की तैयारी है। इसके चलते काफी परेशानी होगी। उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने उनकी समस्या को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस दौरान भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष ऋषि राज राणा, होटलियर एसोसिएशन, टैक्सी यूनियन मनाली सहित दस संगठनों के पदाधिकारी शामिल रहे।