कुल्लू। जिला कुल्लू में सहकारिता विभाग ने निष्क्रिय चल रही संस्थाओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। विभाग ने जिले की 17 सहकारी संस्थाओं का पंजीकरण रद्द कर उन्हें बंद कर दिया है। वहीं, मनमानी करने पर 17 और संस्थाओं को बंद किया जा सकता है। इनके दस्तावेजों की जांच-पड़ताल जारी है।
जिले में विभाग ने निष्क्रिय चल रही करीब 200 संस्थाओं को नोटिस जारी कर रखे हैं। नोटिस जारी होने के बावजूद जो संस्थाएं कार्य में तेजी नहीं ला रहीं या काम नहीं कर रही हैं। उन संस्थाओं पर विभाग ने अब कार्रवाई करना शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि जिले में सहकारिता विभाग ने सहकारी संस्थाओं के कार्य योजनाओं की फाइल और दस्तावेजों की जांच कर रहा है।
अनियमितताएं पाए जाने पर शिकंजा कसा जा रहा है। विभाग काम न करने वाली सभी सहकारी संस्थाओं का पंजीकरण रद्द कर उनको बंद करेगा। बाकायदा इसके लिए विभाग ने संस्थाओं के पदाधिकारियों को अवगत करवा दिया है। इसके बावजूद कुछ संस्थाएं काम नहीं कर रही हैं। जिले के छह विकास खंडों के प्रभारियों से निष्क्रिय सभाओं की सूची मांगी गई है।
विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार जिले के विकास खंड कुल्लू, बंजार, नग्गर, आनी, भुंतर और निरमंड में पंजीकृत 31.25 फीसदी सहकारी संस्थाएं काम नहीं कर रही हैं। इसके कारण सहकारिता विभाग पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। बोझ को कम करने के लिए अब विभाग इनको बंद करेगा।
सहकारिता विभाग के सहायक पंजीयक धर्मचंद वर्मा ने कहा कि काम न करने वाली संस्थाओं को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके बावजूद काम न करने पर 17 संस्थाओं का पंजीकरण रद्द कर उनको बंद किया गया है। कहा कि विभाग निष्क्रिय संस्थाओं पर नियमानुसार कार्रवाई कर रहा है।
कुल्लू में पंजीकृत हैं 640 संस्थाएं
जिला कुल्लू में सहकारिता विभाग के पास 640 सहकारी सभाएं पंजीकृत हैं। इनमें करीब 200 सभाएं काम नहीं कर रही हैं। नियमानुसार पंजीकृत संस्थाओं को पंजीकरण के डेढ़ वर्ष के भीतर अपने कार्य पूरे करने होते हैं, लेकिन लगभग 31.25 फीसदी संस्थाएं अपने कार्य को लेकर गंभीर नहीं हैं।