ढालपुर में उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना देते वामपंथी संगठन के कार्यकर्ता। संवाद।
कुल्लू। प्रदेश में संस्थान बंद करने के भाजपा के विरोध के बाद अब श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकृत मजदूरों की सुविधाएं बंद करने पर वामपंथी भी सड़कों पर उतर गए हैं। बुधवार को कुल्लू में सीटू, भवन एवं सड़क निर्माण यूनियन, हिमाचल किसान सभा के सैकड़ों मजदूरों ने धरना प्रदर्शन किया। सरवरी से लेकर उपायुुक्त कार्यालय ढालपुर तक रैली भी निकाली गई। इस दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू के राज्य महासचिव प्रेम गौतम ने कहा कि केंद्र सरकार ने चुनाव से पहले कहा था हम मनरेगा मजदूरों को 120 दिन काम देंगे, 350 रुपये दिहाड़ी देंगे। अब हालात यह है औसत देशभर में 20 दिन भी मनरेगा मजदूर को काम नहीं मिल रहा है। वहीं तीन महीने पहले सत्ता में आई सुक्खू सरकार ने कहा था हम व्यवस्था परिवर्तन के लिए आए हैं। एक के बाद एक फैसला जनता के विरोध में लिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सितंबर 2022 में सरकार ने निर्माण मजदूरों का श्रम कल्याण बोर्ड में पंजीकरण रोका, बच्चों को मिल रही वर्दियां भी बंद कर दीं। मुख्यमंत्री मजदूरों की आवाज सुनें, कहीं ऐसा न हो सरकार के पांच साल का कार्यकाल भी पूरे न हो। सरकार का यही रवैया रहा तो अगस्त में हजारों की संख्या में मजदूर विधानसभा जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार मजदूरों के हक को बहाल करें। वहीं पांच अप्रैल तो पांच लाख मजदूर संसद मार्च करेंगे। इस अभियान के लिए घर-घर जाकर पर्चे बांटे जाएंगे। एक लाख लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार को 13 सूत्रीय मांग पत्र दिया जाएगा, जिस पर केंद्र सरकार को गौर करना होगा।
इस दौरान हिमाचल किसान सभा के राज्य महासचिव होतम सौंखला, सीटू के जिला अध्यक्ष सर चंद ठाकुर, महासचिव राजेश ठाकुर, भवन एवं सड़क निर्माण यूनियन के अध्यक्ष राम चंद और महासचिव चमन ठाकुर आदि मौजूद रहे।
ढालपुर में उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना देते वामपंथी संगठन के कार्यकर्ता। संवाद।