गुशैणी (कुल्लू)। उपमंडल बंजार की तीर्थन घाटी के निचला बंदल और कोशूनाला गांव में आपदा के करीब दो माह बीत गए हैं। अभी तक प्रभावित ग्रामीणों का दर्द कम नहीं हुआ है। गांवों के 20 प्रभावित परिवारों के घर ढहने के कगार पर है। मकानों और गांव के चारों तरफ आई दरारों से ग्रामीणों में दहशत है।
सोमवार को तीर्थन घाटी में भारी अंधड़ चला। इससे निचला बंदल और कोशूनाला गांव के प्रभावित लोगों के आठ तंबू उखड़ कर नष्ट हो गए। ये लोग पहले ही बेघर हो चुके हैं, अब अस्थायी रूप से तंबुओं में रह रहे थे। इन्हें भी अंधड़ ने उखाड़ दिया। अब टूटे फूटे तंबुओं में गुजर बसर करना पड़ रहा है।
आपदा प्रभावित लोगों के लिए तीर्थन घाटी के बुशैहरी रेस्ट हाउस के पास जंगल में अस्थायी तंबू लगाए गए हैं। रविंद्र कुमार, हेम राज, किशन चंद, जोगिंदर सिंह, राज देव, कुलदीप सिंह, राजकुमार, रमेश चंद, महेंद्र सिंह, जीत राम, चंदे राम, धर्म चंद और चेत राम के परिवार तंबू लगाकर रहने को मजबूर हैं।
प्रभावित लोगों ने सरकार और प्रशासन से गुहार लगाई है कि पुनर्वास के लिए शीघ्र ही जरूरी उपाय किए जाएं। लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से जो तंबू दिए गए हैं वे कच्चे और निम्न दर्जे के हैं। ये अंधड़ से पूरी तरह से फट गए हैं।
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शरची सड़क को छोटे वाहनों के लिए बहाल किया जा रहा है। भू-वैज्ञानिकों की ओर से किए गए सर्वे की रिपोर्ट मिलने के बाद अगला कदम उठाया जाएगा।
-हेमचंद वर्मा, एसडीएम बंजार