लाहौल में बादलों से ढ़की सीबी रेंज की पहाड़ियां। अब ऊंची चोटियों में फाहे गरना भी शुरू हो गए है
खराहल (कुल्लू)। जिले में शुक्रवार सुबह से बारिश का क्रम शाम तक जारी रहा। कृषि के लिए बारिश वरदान साबित हुई है। झमाझम बारिश होेने से किसानों के चेहरे खिल गए है। हालांकि बारिश से सेब और अनार का तुड़ान प्रभावित हुआ है। शुक्रवार को तुड़ान नहीं हो पाया। लगातार बारिश से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब के काला होने की आशंका बढ़ गई है। बागवानों को फल गिरने का खतरा भी सताने लगा है।
किसानों का कहना है कि टमाटर, गोभी, शिमला मिर्च, मक्की, राजमा और मटर की फसल के लिए बारिश लाभदायक सिद्ध होगी। ऐसे में फसल का उत्पादन उम्दा होगा। घाटी के किसान ज्ञान ठाकुर, रविंद्र शर्मा, अनूप ठाकुर, विजय पठानिया और कैलाश ठाकुर आदि ने कहा कि बारिश खरीफ फसल के लिए फायदेमंद है, लेकिन सेब के लिए बारिश नुकसान पहुंचा सकती है। किसान सभा के उपाध्यक्ष देवराज नेगी ने कहा कि बारिश कृषि के लिए संजीवनी बनी है। कृषि उपनिदेशक सुशील शर्मा बताते हैं कि सितंबर में बारिश होने से दलहनी फसल और मक्की के लिए लाभदायक है। इस समय माश और राजमा में दाने विकसित हो रहे हैं। इससे उत्पादन भी बेहतर होगा।