जिला कुल्लू के कई इलाकों में सूखा पड़ा हुआ है। वहीं पर्यटन नगरी मनाली में और आसपास के क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। शनिवार को देर रात मनाली और साथ लगते क्षेत्रों में भारी मात्रा में ओलावृष्टि हुई है। जिसके कारण मनाली के लोगों की एक मात्र नगदी फसल सेब का भी नुकसान हुआ है। बागवान रोशन लाल शर्मा, जगदीश पुरोहित, राजेश शर्मा, भागवत काईस्था, गोपाल, अमर नाथ ठाकुर, नूप राम, प्रेम चंद, विद्या प्रकाश भारद्वाज, अमर चंद नेगी, चंद्रशेखर ठाकुर ने कहा कि बागवानों की सेब फसल पर संकट समाप्त नहीं हो रहा है। एक तो पहले ही फसल कम है। दूसरी ओर ओलावृष्टि बागवानों को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
उन्होंने शनिवार देर रात को ओलों ने सेब के पौधों पर कहर बरपाया है। ओले से सेब के पत्तों सहित कई फल गिर गए। वहीं जो सेब के फल पेड़ों पर रह गए उनमें भी ओलों के दाग लग गए। ओलावृष्टि का यही क्रम चलता रहा तो इस बार सीजन में लाखों का नुकसान झेलना पड़ेगा। वहीं मनाली में रूक-रूक कर हो रही बारिश के कारण मनाली घूमने आ रहे सैलानियों के मनोरंजन में भी खलल का कारण बन रही है। सैलानियों को अधिकतर समय होटल के कमरों में ही व्यतीत करना पड़ रहा है। शनिवार को अचानक हुई ओलावृष्टि के कारण मनाली में अफरा तफरी को माहौल सा बन गया था। मनाली शहर में रेन शेटर की व्यवस्था न होने कारण अधिकतर लोग इधर-उधर भागे। हालांकि मौसम में आए बदलाव के कारण तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं एसडीएम मनाली ज्योति राणा ने कहा कि नुकसान की रिपोर्ट फील्ड से मांगी गई है।