देवताओं के आगमन मार्गों और समारोह स्थल से हटाए जाएंगे लावारिस पशु
दो से आठ अक्तूबर तक मनाया जाएगा कुल्लू का दशहरा उत्सव
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। दो से आठ अक्तूबर तक मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय दशहरा की पहचान देवी-देवताओं से है। जिले भर से देवी-देवता कुल्लू पधारते हैं। उनकी अगुवानी करना और उन्हें हर प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाना उत्सव समिति की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
शुक्रवार को दशहरा उत्सव समिति की बैठक में विधायक एवं समिति के अध्यक्ष सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि देवताओं के ठहरने, बैठने, भोजन और अन्य आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। समिति का उद्देश्य है कि देवताओं और उनके साथ आने वाले बजंतरियों, गूरों और कारदारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
देवताओं और उनके लिए किसी भी प्रकार की नई व्यवस्था करने की आवश्यकता पड़ेगी तो उत्सव समिति इसके लिए पूरी तरह सक्षम है। समिति सुनिश्चित करेगी कि धार्मिक आस्था और परंपरा के अनुरूप इस भव्य उत्सव का आयोजन गरिमा के साथ संपन्न हो। उत्सव के दौरान देवताओं के आगमन मार्गों और समारोह स्थल से लावारिस पशुओं को हटाकर सुरक्षित स्थानों पर भेजने और उनके लिए अस्थाई बाड़े बनाने के लिए शीघ्र कमेटी गठित करने के निर्देश दिए।