बरसात कितने तैयार है हम......
तटीकरण न होने से खफा है गांववासी, कुछेक जगह सुरक्षा दीवार लगाने के बाद बंद कर दिया काम
ग्रामीण बोले, एक साल से गांवों की सुरक्षा के लिए उठा रहे मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सैंज (कुल्लू)। जिले की सैंज घाटी के न्यूली गांव में बाढ़ की रोकथाम के प्रबंध न किए जाने से गुस्साए ग्रामीणों ने सैंज जल विद्युत परियोजना के अधिकारियों का शुक्रवार को घेराव किया। लोगों का कहना है कि परियोजना के अधिकारियों ने गांव के कुछ हिस्से का तटीकरण करने के बाद काम बंद कर दिया जबकि कई घर अभी भी खतरे की जद में हैं।
न्यूली निवासी पार्वती देवी ने कहा कि उसके घर के पास बीते साल पिन पार्वती नदी की बाढ़ से भू-कटाव हुआ है। साथ ही नदी का रुख भी घर की ओर हो गया है। एक साल से वह अधिकारियों से नदी के किनारे सुरक्षा दीवार लगाने की मांग कर रही हैं, लेकिन मांग को अनसुना किया जा रहा है। ग्रामीण यादव देव शर्मा ने कहा कि सरकार और प्रशासन ने न्यूली गांव के सुरक्षा प्रबंध की जिम्मेदारी 100 मेगावाट की सैंज जल विद्युत परियोजना को सौंपी है। परियोजना प्रबंधन ने कुछेक सुरक्षा दीवारें लगाने के बाद काम बंद कर दिया। लाल चंद और कौल राम ने बताया कि सतेश गांव में उनकी जमीन बाढ़ से तबाह हो गई। न्यूली से सतेश की ओर जाने वाले रास्ते पर चलना मुश्किल है। भूस्खलन होने से सारे रास्ते टूट चुके हैं। कहा कि परियोजना प्रबंधन अपनी जिम्मेदारियों पर खरा नहीं उतर रहा है।
ग्रामीण ज्ञान चंद ने बताया कि हाल ही में परियोजना के निहारनी डैम से बिना सूचना दिए भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया। इससे ग्रामीणों में भारी रोष है। इस तरह की लापरवाही से लोगों के जानमाल का भारी नुकसान हो सकता है। परियोजना प्रबंधन को लिखित आश्वासन देना होगा कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
स्थानीय पंचायत के प्रधान भगत राम आजाद ने बताया कि परियोजना के अधिकारियों के रवैये से लोगों में भारी रोष है। बरसात शुरू होने वाली है और नदी का जलस्तर भी बढ़ेगा, मगर सुरक्षा के कोई भी ठोस प्रबंध नहीं किए गए हैं।
.....
बाढ़ के बाद न्यूली और आसपास के गांव में सुरक्षा दीवारें लगवाने के लिए एक करोड़ का बजट आया था। इसे खर्च किया जा चुका है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में अभी काफी काम होना बाकी है। इसके लिए सरकार से धन मांगा गया है। जैसे ही मंजूरी मिलेगी, काम शुरू कर दिया जाएगा।
-धुरेंद्र शर्मा, अधिशासी अभियंता, एचपीपीसीएल