कुल्लू के गणेश उत्सव के समापन पर निकाली शोभायात्रा में झुमते श्रद्धालु। -संवाद
भुंतर/कुल्लू। गणेश उत्सव के समापन पर मंगलवार को भुंतर और कुल्लू में भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं। इस दौरान खूब गुलाल भी उड़ा। इसके बाद ‘गणपति बप्पा मोरया...’ के जयकारों के साथ भगवान गणेश की मूर्ति का ब्यास नदी में विसर्जन किया गया।
कुल्लू के हनुमान मंदिर में गणेश उत्सव का आयोजन किया गया था। मंगलवार दोपहर को भगवान गणेश की मूर्ति को वैष्णो माता मंदिर के समीप विसर्जन के लिए ले जाया गया। गणेश उत्सव कमेटी के सदस्य अतुल सूद, देवेन सोनी, हरीश छाबड़ा, और अन्य ने बताया कि भुंतर में 10 दिनों तक भक्तिमय माहौल बना रहा, और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के समक्ष शीश नवाया।
उधर, भुंतर में गणेश चौक पर सुबह 7:00 बजे भगवान गणेश की आरती के साथ उत्सव शुरू हुआ। सुबह 10:00 बजे से श्रद्धालु आयोजन स्थल पर जुटना शुरू हो गए। दोपहर तक माता नैना भी अपने हारियानों के साथ आयोजन में शामिल होने के लिए पहुंची। माता का रथ ने शोभायात्रा में चार चांद लगा दिए।
तीर्थन नदी में विसर्जित की गणेश प्रतिमा
बंजार (कुल्लू)। बंजार में बाबा बालक नाथ मंदिर में स्थापित गणेश की मूर्ति का तीर्थन नदी में विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना और मंत्रोच्चारण के साथ भगवान गणेश को भावनात्मक विदाई दी। शेगलू बाजार होते हुए नए बस स्टैंड और खुंदन तक मूर्ति ले जाई गई, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने गणेश के जयकारों के साथ विसर्जन किया।