कुल्लू। जिले में 12 घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश से सोमवार को जनजीवन एक बार फिर अस्त व्यस्त हो गया है। बारिश के बीच आम लोगों के साथ सरकारी व निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिला कुल्लू में रविवार देर रात एक बजे से लेकर सोमवार दोपहर एक बजे झमाझम बादल बरसे।
कई जगह भूस्खलन व मलबा गिरने से सड़कों पर बस सेवा के साथ वाहनों की आवाजाही घंटों तक बाधित रही। भूस्खलन से जिले में आठ सड़कों पर यातायात पूरी तरह से ठप रहा और लोगों को मीलों दूर तक पैदल जाना पड़ा। बिजली के पोल व लाइन क्षतिग्रस्त होने से चार ट्रांसफार्मर जाम हो गए। पेयजल की 15 से ज्यादा स्कीमों को नुकसान पहुंचा है। बारिश से हुए नुकसान के बाद संबंधित विभागों ने इनको रिस्टोर करने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। चंडीगढ़-मनाली मार्ग पर भूस्खलन से कुल्लू डिपो की सात बसें घंटों तक फंसी रही। दिल्ली, शिमला, चंडीगढ़ सहित कई अन्य लंबे रूटों से बसें कुल्लू आ रही थी। मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले दो दिनों तक मौसम खराब होने तथा मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। ऐसे में जिला प्रशासन ने येलो अलर्ट जारी किया है। जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर पर्यटकों को एहतियात के तौर पर नदी-नालों के आसपास न जाने की हिदायत दी है। प्रशासन ने ब्यास नदी के साथ सहायक नदी-नालों से दूर रहने को कहा है। बारिश के दौरान किसी भी तरह की घटना से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन टीम को सतर्क रहने को कहा है। बरसात में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आनी, बंजार तथा मनाली के एसडीएम को भी सतर्क रहने को कहा गया है। उधर, उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि पर्यटक व आम लोग मौसम का देखकर ही आवाजाही करें। ब्यास नदी व सरवरी खड्ड के किनारे बसे प्रवासी मजदूरों को खतरे वाली जगह से हटा दिया है।
बारिश से फलों-सब्जियों का तुड़ान प्रभावित
कुल्लू। जिला कुल्लू में सेब का सीजन शुरू हो गया है। इसके अलावा नाशपाती व प्लम का तुड़ान जोरों पर चला है। लेकिन सोमवार दोपहर तक किसान-बागवान भारी बारिश होने से फलों के साथ सब्जियों का तुड़ान नहीं कर पाए हैं। बागवान तेज राम तथा रमेश ने कहा कि सेब का तुड़ान शुरू हो गया है। उन्हें सेब के बगीचे में स्प्रे करनी थी। लेकिन बारिश से नहीं हो पाई है।