कुल्लू। जिले के निचले क्षेत्रों में फरवरी के तीसरे सप्ताह में ही प्लम के पौधों में फ्लावरिंग की तैयारी है। प्लम के पौधों में फूल खिलने से पहले दाने बनना शुरू हो गए हैं। आने वाले दिनों में जितना अधिक तापमान बढ़ेगा, प्लम के पौधों में फूल खिलना शुरू हो जाएंगे। बागवानी विशेषज्ञों का मानना है कि प्लम के पौधों में करीब दो सप्ताह पहले ही इस बार फ्लावरिंग होगी।
इसके पीछे वजह सर्दियों के दौरान करीब तीन महीने का ड्राई स्पेल (सूखा) है। सर्दियों के दौरान लंबे समय तक मौसम शुष्क रहा। फरवरी के पहले सप्ताह में बर्फबारी और बारिश हुई। अब मौसम साफ बना हुआ है। फरवरी के तीसरे सप्ताह में गर्मी महसूस की जा रही है। तापमान बढ़ने के साथ ही प्लम के पौधों में तेजी से फूल भी खिलेंगे।
अगर फरवरी और मार्च में बारिश कम रहती है तो सेब के पौधों में भी इसका असर देखने को मिल सकता है। अभी तक मौसम प्लम, सेब, जापानी फल, अनार सहित अन्य फलों के लिए अनुकूल बना हुआ है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर मौसम आने वाले दो-तीन महीनों में अनुकूल रहता है तो बेहतर सेटिंग होने पर सेब, प्लम आदि की बेहतर फसल होगी।
बागवान नरोतम ठाकुर, सूरज और करन ठाकुर ने कहा कि निचले क्षेत्रों में प्लम के मेरीपोजा वैरायटी में फूल आने की तैयारी है। फूल आने से पहले दाने बन गए हैं। तापमान बढ़ने के साथ ही यह खिलना शुरू हो जाएंगे।
डॉ. वाईएस परमार वानिकी एवं बागवानी विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र बजौरा के सहायक निदेशक डॉ. भूपेंद्र ठाकुर ने कहा कि फ्लावरिंग पर करीब 10-12 दिनों का असर देखने को मिलेगा। इस बार बेहतर फसल की उम्मीद है।