कुल्लू के पिरड़ी शारनू मेलें में देव नृत्य कर परंपरा का निर्वहन करते देवता पिरड़ी महादेव और देव
कुल्लू। सावन मास के शुभारंभ पर बल्ह पंचायत में दो दिवसीय पिरड़ी-शारनू मेला शुक्रवार को परंपरा और उत्साह के साथ मनाया गया। देव परंपराओं के निर्वहन के बाद देवलुओं और स्थानीय लोगों ने पारंपरिक कुल्लवी नाटी डालकर मेले की रौनक बढ़ाई।
मेले में देवता पिरडू पिरड़ी महादेव और ढालपुर के देवता वीरनाथ गौहरी का भव्य आगमन हुआ। मेले में सबसे पहले देव नृत्य का आयोजन हुआ। इसके बाद देवलू लोकनृत्य पर झूम उठे। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों पर सजी कुल्लवी नाटी में लोक संस्कृति की झलक दिखाई दी।
देवता वीरनाथ गौहरी के कारदार राजकुमार ने बताया कि पिरड़ी-शारनू मेला वर्षों पुरानी देव परंपरा का प्रतीक है। इस मेले में देवता वीरनाथ गौहरी हर वर्ष उपस्थिति होते हैं। इसमें लोग देवता के दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं।